बरेली में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और ओवर रेटिंग पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती
बरेली में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और ओवर रेटिंग पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद शुक्रवार को जिला पूर्ति विभाग की टीम ने शहर की कई गैस एजेंसियों और उनके गोदामों पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान गैस सिलेंडरों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था का बारीकी से मिलान किया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से एजेंसी संचालकों में हलचल देखी गई।
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि टीम ने शहर में संचालित कुणाल इंडियन गैस कैंट, गणेश गैस इंडियन गैस सर्विस कचहरी, चंद्र गैस सर्विस हार्टमैन कॉलेज रोड और सुरक्षा एसपी गैस सेटेलाइट एजेंसी का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने एजेंसी कार्यालय के साथ-साथ गोदामों का भी निरीक्षण किया और वहां मौजूद गैस सिलेंडरों की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान गोदामों में मौजूद गैस सिलेंडरों के स्टॉक का एजेंसी के ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान कराया गया। जांच में स्टॉक पूरी तरह सही पाया गया और मौके पर किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई। अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिया।
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान एजेंसी मालिकों और प्रबंधकों को साफ चेतावनी दी कि यदि उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे लेने या गैस वितरण में लापरवाही की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि सिलेंडर की बुकिंग मिलते ही उपभोक्ताओं के घर तक जल्द से जल्द रिफिल पहुंचाई जाए। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में संचालित सभी गैस एजेंसियों की समय-समय पर जांच की जाएगी। इसके लिए संबंधित उपजिलाधिकारी और क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की कालाबाजारी या ओवर रेटिंग पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सदर प्रमोद कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी विवेक श्रीवास्तव, पूर्ति निरीक्षक शिखा तिवारी और आपूर्ति लिपिक आशीष कुमार मौजूद रहे।
रिपोर्टर गौरव कुमार बरेली।