मेळघाट के चिखलदरा में माता आंबा देवी संस्थान को शासकीय भूमि का हस्तांतरण संपन्न; विकास कार्यों और पर्यटक सुविधाओं को मिलेगी नई दिशा
चिखलदरा, मेळघाट — विदर्भ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और हिल स्टेशन चिखलदरा में स्थित 'माता आंबा देवी संस्थान' के लिए एक ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित कदम उठाते हुए, प्रशासन द्वारा शासकीय जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है। इस निर्णय से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और नागरिक सुविधाओं के विकास के नए द्वार खुल गए हैं।
यह महत्वपूर्ण हस्तांतरण कार्यक्रम उपविभागीय अधिकारी (धारणी) श्री शुक्ला सर के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशासन की ओर से शासकीय भूमि को संस्थान के सुपुर्द करने की सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति:
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रशासन और मंदिर समिति के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
श्री मोरणकर सर (तहसीलदार, चिखलदरा)
श्री धावडे सर (नायब तहसीलदार)
माता आंबा देवी संस्थान समिति के पदाधिकारीगण
भविष्य की विकास योजनाएं:
हस्तांतरित की गई इस नई भूमि से मंदिर के कायाकल्प की योजना है। आंबा देवी संस्थान, अमरावती के प्रतिनिधि श्री डोंगरे सर ने भविष्य की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस जगह का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर जनोपयोगी सुविधाओं के लिए किया जाएगा।
प्रस्तावित विकास कार्यों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सुसज्जित निवास स्थान (भक्त निवास) का निर्माण।
ज्ञान और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक ग्रंथालय (Library) की स्थापना।
मंदिर परिसर का विस्तार और धार्मिक गतिविधियों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा।
श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में अपार हर्ष:
प्रशासन के इस सकारात्मक फैसले से चिखलदरा और संपूर्ण मेळघाट क्षेत्र के श्रद्धालुओं व स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे न केवल भक्तों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी भारी बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
कार्यक्रम के अंत में, माता आंबा देवी संस्थान समिति के सभी पदाधिकारियों ने इस सहयोगात्मक और विकासशील कदम के लिए स्थानीय प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया।