स्कूल कर्मचारी हत्या मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला बसपा के पूर्व विधायक के बेटे की रिहाई के आदेश
रवि कुमार गौतम
उरई जालौन के चर्चित स्कूल कर्मचारी हत्या मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 मार्च को अहम फैसला सुनाते हुए बड़ा मोड़ ला दिया। खंडपीठ ने बसपा के पूर्व विधायक अजय कुमार सिंह के बेटे, आरोपी अमन कुमार सिंह उर्फ मिक्की की गिरफ्तारी और मजिस्ट्रेट द्वारा पारित रिमांड आदेश को अवैध करार देते हुए तत्काल हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया है। अधिवक्ता गोविन्द सिंह भदारी ने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय बन्दी प्रत्यक्षीकरण रिट याचिका अमन कुमार सिंह उर्फ मिक्की बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं 3 अन्य मुख्य विवरण:न्यायालय: इलाहाबाद उच्च न्यायालय न्यायाधीश: माननीय सिद्धार्थ जी और माननीय जय कृष्ण उपाध्याय जी दिनांक: 12 मार्च, 2026 मामले का सारांश:यह याचिका अमन कुमार सिंह याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने के लिए दायर की गई थी याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि पुलिस द्वारा तैयार किया गया गिरफ्तारी मेमो नियमों के खिलाफ था । पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी सर्कुलर के बावजूद, गिरफ्तारी के कारणों वाले कुछ कॉलम खाली छोड़ दिए गए थे न्यायालय का आदेश:गिरफ्तारी और रिमांड अवैध: न्यायालय ने माना कि याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी और मजिस्ट्रेट द्वारा दिया गया रिमांड का आदेश दिनांक 6.9.2025 दोनों ही अवैध हैं न्यायालय ने कहा कि यदि रिमांड बिना दिमाग लगाए या यांत्रिक रूप से दिया जाता है, तो वह कानूनन गलत है ।तत्काल रिहाई: न्यायालय ने गिरफ्तारी मेमो और रिमांड आदेश को रद्द कर दिया है और आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता को तुरंत रिहा किया जाए जांच अधिकारी पर कार्रवाई: जिला जालौन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक SSP को आदेश दिया गया है कि वे दोषी जांच अधिकारी IO के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें और 25 मार्च 2026 तक रिपोर्ट पेश करें मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण: जवाब मांगा गया है कि उन्होंने उच्च न्यायालय के पिछले फैसलों की अनदेखी क्यों की और बिना सोचे-समझे रिमांड आदेश क्यों पारित किया ।अगली सुनवाई:इस मामले को अगली सुनवाई के लिए 25 मार्च, 2026 को सूचीबद्ध किया गया है