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संसद में राहुल गांधी के गले में दिखा खास हार, नागालैंड की कोन्याक नागा जनजाति से जुड़ा ऐतिहासिक प्रतीक


नई दिल्ली:सूत्र

हाल ही में संसद में पहुंचते समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी के गले में दिखाई दिया एक अनोखा हार चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक लोग यह जानने को उत्सुक दिखे कि आखिर यह खास हार क्या है और इसका क्या महत्व है।
जानकारी के मुताबिक यह कोई साधारण हार नहीं, बल्कि कोण्याक नागा जनजाति की पारंपरिक विरासत से जुड़ा हुआ प्रतीकात्मक हार है। यह जनजाति मुख्य रूप से Nagaland राज्य के मोन जिले में रहती है और अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत के लिए जानी जाती है।
कोन्याक नागा जनजाति में ऐसे हार विशेष महत्व रखते हैं। परंपरागत रूप से इन्हें बहादुरी, सम्मान और सामाजिक पहचान का प्रतीक माना जाता है। पुराने समय में जनजाति के योद्धा और प्रमुख लोग ऐसे आभूषण पहनते थे, जो उनकी वीरता और प्रतिष्ठा को दर्शाते थे। इन हारों में अक्सर रंग-बिरंगे मोती, हड्डियों या विशेष पारंपरिक तत्वों का उपयोग किया जाता है।
बताया जा रहा है कि यह हार उत्तर-पूर्व भारत की जनजातीय संस्कृति के प्रति सम्मान और जुड़ाव का प्रतीक भी माना जा रहा है। संसद में राहुल गांधी के गले में यह हार दिखाई देने के बाद नागालैंड और उत्तर-पूर्व की सांस्कृतिक विरासत पर भी चर्चा तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के प्रतीक देश की विविध संस्कृति और परंपराओं को सामने लाने का एक तरीका भी हो सकते हैं। फिलहाल यह खास हार संसद की कार्यवाही से ज्यादा अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के कारण चर्चा में बना हुआ है।

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