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असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में फीस को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी :-

असम के मुख्यमंत्री ने डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में फीस को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि छात्र फीस कम करने की मांग करते हैं तो राज्य सरकार इस विषय पर विचार करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को समझती है और यदि जरूरत पड़ी तो फीस में राहत देने का निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रकार के मुद्दों को लेकर आंदोलन और विरोध प्रदर्शन करना आवश्यक नहीं था। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्हें फीस में 50 प्रतिशत रियायत बहाल करने को लेकर एक व्हाट्सऐप संदेश प्राप्त हुआ था, जिस पर उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही इस मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना था कि संवाद और आपसी समझ के माध्यम से भी ऐसे मामलों का समाधान संभव है। यह विवाद उस समय सामने आया जब Dibrugarh University के छात्रों ने फीस संरचना में बदलाव को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठनों का आरोप है कि नई फीस व्यवस्था से छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और इससे गरीब तथा मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने छात्र नेताओं द्वारा दिए गए चुनावी परिणामों से जुड़ी चेतावनियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को हराने से छात्रों को कोई लाभ नहीं होगा और इससे राज्य की विकास प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि व्यवस्था कमजोर होती है तो छात्रों को भविष्य में नौकरियों के लिए भारी रिश्वत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने पूरे विवाद को अधिक बड़ा मुद्दा मानने से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के अधिकांश छात्र राज्य सरकार के विकास कार्यों का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है तथा छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

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