भोपलापुर चौराहे पर झोला छाप डॉक्टर का क्लीनिक, विभाग की चुप्पी पर सुलगते सवाल
मसीहुद्दीन चौधरी
जिला संवाददाता
इटवा (सिद्धार्थनगर) सिद्धार्थनगर जिले में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही के कारण मौत के सौदागरों' का नेटवर्क फल-फूल रहा है। ताज़ा मामला इटवा क्षेत्र के बढ़नी रोड स्थित भोपलापुर चौराहा का है, जहाँ एक स्वघोषित 'बंगाली डॉक्टर बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री या पंजीकरण के सरेआम मरीजों की ज़िंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। डिग्री का अता-पता नहीं, फिर भी चल रहा 'इलाज' का खेल हैरानी की बात यह है कि मुख्य मार्ग पर स्थित इस दो मंजिला इमारत (चित्र में दृश्यमान) में बिना किसी डर के अवैध क्लिनिक और मेडिकल स्टोर संचालित किया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस तथाकथित डॉक्टर के पास न तो कोई मान्यता प्राप्त चिकित्सा डिग्री है और न ही प्रशासन द्वारा जारी कोई लाइसेंस। इसके बावजूद, भोले-भाले ग्रामीण इसके सस्ते इलाज के झांसे में आकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। गलत इलाज से बुझ रहे घरों के चिराग
पीड़ितों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस फर्जी क्लीनिक में दी जा रही गलत दवाओं और इंजेक्शन के कारण क्षेत्र में कई लोगों की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर हुई है। चर्चा यह भी है कि इस लापरवाह इलाज ने अब तक कई परिवारों से उनके अपनों को छीन लिया है। बिना किसी विशेषज्ञता के गंभीर बीमारियों का इलाज करना अब इस क्षेत्र के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।
प्रशासनिक मिलीभगत या बड़ी अनहोनी का इंतज़ार? जनता के बीच अब यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे यह गोरखधंधा कैसे चल रहा है?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इस अवैध झोलाछाप डॉक्टर की भनक नहीं है? या फिर किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही विभाग की कुंभकर्णी नींद खुलेगी?
यह दुकान स्वास्थ्य सेवा के नाम पर मौत का अड्डा बन चुकी है। ग्रामीणों के विश्वास के साथ यह खिलवाड़ अब बर्दाश्त से बाहर है। एक स्थानीय ग्रामीण
जनता की मांग है कि भोपलापुर और आसपास की जनता ने मुख्यमंत्री और जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से गुहार लगाई है कि तत्काल प्रभाव से इस अवैध क्लीनिक पर छापेमारी कर इसे सील किया जाए। फर्जी डॉक्टर के विरुद्ध FIR दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए।