भ्रष्टाचार की 'आंच' में जल रहा उपभोक्ता श्री हरिहर भारत
गैस एजेंसी पर धांधली, उपभोक्ता परेशान
मसीहुद्दीन चौधरी जिला संवाददाता
सिद्धार्थनगर, इटवा: सरकारी दावों और पारदर्शिता की धज्जियां उड़ाते हुए इटवा कस्बे के बिस्कोहर रोड पर स्थित 'श्री हरिहर भारत गैस एजेंसी' इन दिनों अपनी कारगुजारियों को लेकर चर्चा में है। जहाँ एक तरफ वैध कनेक्शन धारक खाली सिलेंडर लेकर दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे से गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग (कालाबाजारी) का खेल जोरों पर चल रहा है। कल आना का रटा-रटाया जवाब स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि जब वे सिलेंडर लेने एजेंसी पहुँचते हैं, तो उन्हें घंटों इंतजार कराने के बाद बेरहमी से कह दिया जाता है कि गाड़ी कल आएगी। लेकिन हैरत की बात यह है कि उसी समय बैकडोर से भारी मात्रा में गैस सिलेंडर रसूखदारों और ऊंचे दामों पर खरीदने वालों को उपलब्ध करा दिए जाते हैं। हम कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हमें मना कर दिया जाता है। आखिर जो गैस हमारे हक की है, वो जा कहाँ रही है? एक आक्रोशित उपभोक्ता
मैनेजर की मिलीभगत से फल-फूल रहा अवैध धंधा सूत्रों की मानें तो इस पूरी कालाबाजारी के तार एजेंसी के मैनेजर और प्रबंधन से जुड़े हैं। निर्धारित सरकारी रेट से कहीं अधिक कीमतों पर सिलेंडरों को ब्लैक में बेचा जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी की 'किल्लत' सिर्फ आम जनता के लिए है, कालाबाजारियों के लिए गोदाम हमेशा खुले रहते हैं। विभागीय अधिकारी की चुप्पी पर सवाल इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस खेल ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। क्या विभाग को इस धांधली की खबर नहीं है, या फिर ऊपर तक हिस्सा पहुँच रहा है? जनता की मांग कि उच्चाधिकारी तत्काल इस मामले का संज्ञान लें और एजेंसी के स्टॉक रजिस्टर की जांच की जाए। यदि जल्द ही उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से गैस वितरण शुरू नहीं हुआ, तो मजबूरन जनता को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ेगा। मुख्य बात यह है कि
जब गाड़ी नहीं आई, तो अन्य लोगों को सिलेंडर कैसे मिल रहे हैं? एजेंसी का वर्तमान स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड मिलान क्यों नहीं किया जा रहा?
गरीब उपभोक्ताओं के हक पर डाका डालने वाले मैनेजर पर कार्यवाही कब होगी?