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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा पड़रिया गांव का पंचायत भवन, बना जुआरियों का अड्डा

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही जीरो टॉलरेंस के बात करती हो और भ्रष्टाचार मुक्त करने की लाख दावे कर ले, पर धरातल पर हकीकत कुछ और ही नजर आ रहा है। शायद ब्लाक स्तर पर जुड़े जिम्मेदार अधिकारी खुद भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और आंखों पर पट्टी बांध कर जांच करते है। या फिर भ्रष्टाचारियों से मिली भगत कर उन्हें संरक्षण देकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर फर्जी रिपोर्ट अपलोड कर मुख्यमंत्री को भी चुनौती दें रहें हैं। जो क्षेत्र में चर्चा का बिषय बना हुआ है।
ताजा मामला विकास खंड बढ़नी क्षेत्र के ग्राम पंचायत पड़रिया का प्रकाश में आया है। जहां बताया जाता है कि अनिल कुमार द्वारा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 40018426002143 के माध्यम से उक्त गांव में खेलकूद मैदान व पंचायत भवन में सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु आदि विकास के नाम पर ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा किये गये कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था। जिसकी जांच के संबंध में बीडीओ बढ़नी अनिशि मणि पांडेय द्वारा तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। जिसमें मनरेगा से एपीओ शाहिद सिराज व एमाआई संतोष कुमार गुप्ता व कृषि सहायक विकास अधिकारी राम सेवक यादव द्वारा हस्ताक्षर युक्त रिपोर्ट में लिखा गया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में खेलकूद मैदान निर्माण कार्य पर अनुमानित धनराशि 1058000.00 के सापेक्ष 373220.00 का भुगतान किया गया है। और पंचायत भवन में कुर्सी मेज इनवार्टर बैट्री लैपटॉप आलमारी सीसीटीवी कैमरा आदि संतोषजनक पाया गया है। जबकि एपीओ ने फोन वार्ता के दौरान बताया कि उस दिन जांच के दौरान केवल संतोष कुमार व रामसेवक यादव गये थे। वहीं रामसेवक यादव का कहना है कि तीनों लोग गये थे पंचायत भवन पर ताला लटक रहा था। बाद में किसी द्वारा खोलकर दिखाया गया था। उक्त दौरान मौके पर उपस्थित बीपत ने मीडिया को फोन पर बताया कि हम लोगों से अंगूठा लगवा लिया गया था। खेल कूद मैदान सब ध्वस्त पड़ा है और पंचायत भवन से कोई सुविधा नहीं मिलता है। कथित तौर पर फर्जी रिपोर्ट का सच जानने के लिए जब मीडिया टीम ने गुरुवार की दोपहर पंचायत भवन पर पहुंची तो वहां ताला लटक रहा था। और कुछ लोग बरामदे में बैठकर जुआ खेल रहे थे। बाहर गद्दा बिछौना व चारपाई बारात के लिए डाला गया था। बीडीओ मुरली मनोहर मिश्रा का नाम दर्ज था। जबकि इसके पहले और बीडीओ बदल चुकें हैं। फिर भी वहां का नाम और हालात नहीं बदल रहा फिर भी जिम्मेदार अधिकारियों को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। और फर्जी रिपोर्ट लगाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं। वहीं मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उक्त पंचायत भवन की स्थिति काफी खराब है। सुविधा और विकास के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार किया जा रहा है जिसकी जांच उच्चाधिकारियों से कर कार्रवाई की मांग की गई है।

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