सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पहली बार निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति देते हुए आदेश पारित किया।
सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार यह आदेश कोर्ट के 2018 के Common Cause फैसले (जिसे 2023 में संशोधित किया गया था) के अनुसार दिया गया, जिसमें गरिमा के साथ मरने के मौलिक अधिकार को मान्यता दी गई थी।
न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने एक 32 वर्षीय व्यक्ति की जीवनरक्षक प्रणाली (life support) हटाने की अनुमति दी। यह व्यक्ति 13 वर्ष पहले एक इमारत से गिरने के बाद से स्थायी और अपरिवर्तनीय विजिटेटिव अवस्था (Permanent Vegetative State) में था। अदालत ने यह आदेश उसके पिता द्वारा दायर एक मिसलेनियस आवेदन पर दिया, जिसमें उन्होंने अपने बेटे से सभी जीवनरक्षक उपचार हटाने की अनुमति मांगी थी।