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IPL 2026: जयपुर की उम्मीदों पर फिरा 'रोलर', राजस्थान के हक पर असम का 'कब्जा' - प्रदेश को भारी नुकसान

जयपुर/अजमेर: आईपीएल 2026 के शेड्यूल की घोषणा होते ही राजस्थान के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह की जगह मायूसी छा गई है। बीसीसीआई (BCCI) द्वारा जारी पहले चरण के 20 मैचों के कार्यक्रम में जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम को एक भी मैच नहीं मिला है। राजस्थान रॉयल्स के मैच गुवाहाटी शिफ्ट किए जाने से न केवल खेल भावना को ठेस पहुंची है, बल्कि प्रदेश को आर्थिक और भावनात्मक स्तर पर भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
​1. खेल प्रेमियों के उत्साह पर पानी फिरा
​राजस्थान रॉयल्स का घरेलू मैदान जयपुर रहा है, लेकिन इस बार रॉयल्स के शुरुआती तीन मैच गुवाहाटी में होंगे। जयपुर के फैंस अपने पसंदीदा सितारों को अपनी आंखों के सामने खेलते देखने के लिए साल भर इंतजार करते हैं। अचानक मैच शिफ्ट होने से क्रिकेट के दीवानों में भारी निराशा है।
​2. प्रदेश को बड़ा आर्थिक घाटा
​जयपुर में आईपीएल मैचों के आयोजन से स्थानीय व्यापार को नई गति मिलती है। मैच न होने से प्रदेश को निम्नलिखित नुकसान उठाना पड़ेगा:
​पर्यटन और होटल इंडस्ट्री: मैचों के दौरान देशभर से आने वाले दर्शकों से होटल और टूरिज्म सेक्टर में करोड़ों का टर्नओवर होता है, जो इस बार शून्य रहेगा।
​स्थानीय रोजगार: स्टेडियम के आसपास छोटे व्यापारियों, वेंडर्स और टैक्सी संचालकों की कमाई का एक बड़ा जरिया छिन गया है।
​सरकारी निवेश की बर्बादी: सरकार ने एसएमएस स्टेडियम की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। मैच न होने से यह निवेश फिलहाल 'डेड इन्वेस्टमेंट' साबित हो रहा है।
​3. 'असम कनेक्शन' बना राजस्थान का नुकसान?
​रिपोर्ट के मुताबिक, मैच शिफ्ट होने के पीछे का मुख्य कारण राजस्थान रॉयल्स और बीसीसीआई में असम का बढ़ता वर्चस्व माना जा रहा है:
​बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया असम से हैं।
​राजस्थान रॉयल्स के अध्यक्ष रंजीत बारठाकुर असम के बड़े बिजनेसमैन हैं।
​टीम के कप्तान रियान पराग भी असम के मूल निवासी हैं।
इन 'तीन ट्रम्प कार्ड्स' के कारण राजस्थान की टीम अब धीरे-धीरे असम की ओर झुकती नजर आ रही है, जिसका खामियाजा जयपुर की जनता भुगत रही है।
​4. प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
​हैरानी की बात यह है कि इतना बड़ा आयोजन हाथ से निकलने के बावजूद राजस्थान के खेल विभाग, मुख्य सचिव या आरसीए (RCA) की ओर से अब तक बीसीसीआई से कोई ठोस सवाल नहीं किया गया है। राजस्थान रणजी के पूर्व कप्तानों और खिलाड़ियों ने भी इसे राजस्थान की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया है।
​AIMA MEDIA निष्पक्ष विश्लेषण: क्या राजस्थान रॉयल्स अब सिर्फ नाम की 'राजस्थान' रह गई है? अपनी मिट्टी और अपने फैंस को छोड़कर दूसरे प्रदेश में 'होम ग्राउंड' बनाना न केवल प्रदेश के राजस्व का नुकसान है, बल्कि उन लाखों फैंस का अपमान भी है जो इस टीम को अपनी पहचान मानते हैं।

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