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श्रीशनिधाम गूढ़ा में भागवत कथा में गूंजा श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग, भक्त हुए भाव-विभोर

श्रीशनिधाम गूढ़ा में भागवत कथा में
जालौन। नगर के श्रीशनिधाम गूढ़ा में आयोजित साप्ताहिक धार्मिक कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे श्रीविघ्न विनायक गणपति नवकुंडीय महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रद्धालुओं को बालि-वामन प्रसंग और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई गई। श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पांडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
यज्ञाचार्य पंडित मिथलेश महाराज द्वारा यज्ञ क्रियाएं संपन्न कराई जा रही हैं, जबकि कथा व्यास गुरुप्रसाद रामायणी ने भक्तों को कथा का रसपान कराया। उन्होंने बालि-वामन प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान वामन ने राजा बालि से तीन पग भूमि दान में मांगी थी। भगवान ने दो ही पग में आकाश और पाताल को नापकर राजा बालि का अभिमान चूर कर दिया और उन्हें विनम्रता का संदेश दिया।
इसके बाद कथा व्यास ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि जब कंस का अत्याचार और अहंकार अत्यधिक बढ़ गया तथा वह अच्छाई और बुराई का भेद भूल गया, तब भगवान को पृथ्वी पर अवतार लेना पड़ा। मथुरा की कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद वासुदेव उन्हें रातों-रात गोकुल में नंद बाबा के घर ले गए और वहां जन्मी पुत्री को देवकी की गोद में सौंप दिया।
उन्होंने बताया कि जैसे ही गोकुल में सुबह लोगों को नंद बाबा के यहां लाला के जन्म का समाचार मिला, पूरा गोकुल उत्सव में डूब गया। ब्रजवासी नाचते-गाते हुए ‘नन्द घर आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की’ गाते नजर आए। कथा के दौरान संगीतमय भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालु झूम उठे और भक्तिभाव से नृत्य करने लगे।
इस अवसर पर विमला देवी, महंत बृजेश तिवारी, उमेश दीक्षित, सुनील महाराज, लल्ला सोनी, महेश ककरैया, विनोद गुप्ता, राकेश सेंगर, प्रमोद गुप्ता, अनुराग तिवारी, कृपाशंकर, उमेश ककरैया, अरविंद, अनुराग शर्मा, महेश कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
रिपोर्ट
राजू पाटकार...

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