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ECA: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत में लागू हुआ ECA, जानिए क्या है एक्ट

पश्चिम एशिया संकट के बीच सीमित आपूर्ति के मद्देनजर रसोई गैस (एलपीजी) की लंबे समय तक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने उत्पादन बढ़ाने समेत कई उपायों की घोषणा की है। देश भर के ईंधन भंडारों में कमी आई है। चूंकि रसोई गैस बेहद आवश्यक वस्तु है, इसलिए केंद्र सरकार हर घर में इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहती है। यही वजह है कि सरकार ने घरेलू गैस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (Essential Commodities Act, 1955) लागू कर दिया है। एक्ट लागू करने का मुख्य उद्देश्य जरूरी वस्तुओं के उत्पादन, वितरण और आपूर्ति को नियंत्रित करना है, ताकि कोई भी किसी तरह की कालाबाजारी न हो सके।

बता दें कि गैस की किल्लत को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अब 21 दिन की बजाय 25 दिन के अंतराल पर कर दी है। साथ ही रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा गया है जिसका इस्तेमाल घरेलू आपूर्ति के लिए किया जाएगा। गैर-घरेलू जरूरतों के लिए आयातित एलपीजी से आपूर्ति की जायेगा। इसमें अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। रेस्तरां, होटलों तथा अन्य उद्योगों को आपूर्ति पर विचार करने के लिए तेल विपणन कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है।

क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम
क्या है ECA? आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act, 1955) जरूरी वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करता है। इस कानून के जरिए जमाखोरी और कालाबाजारी को रोककर कीमतों को काबू में रखा जाता है। इसके तहत सरकार स्टॉक सीमा तय कर सकती है।

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