ईरान-अमेरिका युद्ध का असर: बिहार में गैस संकट, प्रशासन अलर्ट — जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश..
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध का असर अब बिहार तक पहुंचने लगा है। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर पटना समेत राज्य के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति में कमी और व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई बाधित होने से आम लोगों से लेकर होटल-रेस्तरां संचालकों तक की परेशानी बढ़ गई है।
घरेलू गैस के लिए एजेंसियों पर भीड़
पटना के कई गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ रही है। बहादुरपुर, गर्दनीबाग और अन्य इलाकों में लोग गैस बुकिंग नहीं होने और सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायत लेकर एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग के लिए टोल-फ्री नंबर भी उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। पहले जहां बुकिंग के 24 घंटे के भीतर सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब 3 से 5 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
व्यावसायिक सिलेंडर की सप्लाई लगभग ठप
19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति 7 मार्च से प्रभावित बताई जा रही है। इसका असर छोटे ढाबों, चाय-नाश्ते की दुकानों और बड़े होटलों तक पर पड़ा है। कई दुकानदारों को मजबूरन अपनी दुकान बंद करनी पड़ी है, जबकि कुछ जगहों पर सिलेंडर की कीमत 1000-1200 रुपये से बढ़कर करीब 2200 रुपये तक पहुंच गई है।
महंगाई बढ़ने की भी आशंका
होटल और मिठाई दुकानदारों का कहना है कि यदि गैस आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
प्रशासन अलर्ट, कालाबाजारी पर कड़ी नजर
स्थिति को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के डीएम और एसपी को निर्देश जारी किए हैं कि गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त नजर रखी जाए। किसी भी तरह की अवैध बिक्री या स्टॉक छिपाने की शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
जनता से अपील: घबराएं नहीं, जिम्मेदारी से करें उपयोग..
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस की अनावश्यक जमाखोरी से बचें। जरूरत के अनुसार ही गैस का उपयोग करें ताकि सभी उपभोक्ताओं तक आपूर्ति पहुंच सके। साथ ही, अगर कहीं कालाबाजारी या ज्यादा कीमत पर सिलेंडर बेचने की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
ऊर्जा संकट के इस समय में संयम और जागरूकता ही सबसे बड़ा समाधान है। सरकार और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही आपूर्ति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे