सिद्धार्थनगर स्टेशन पर मालगाड़ी रैक की सुविधा शुरू, स्थानीय व्यापारियों के खिले चेहरे:
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर गुड्स प्लेटफॉर्म का संचालन शुरू हो गया है। अब यहां मालगाड़ियों की रैक लगने लगी है, जिससे जिले के व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। स्थानीय स्तर पर रैक लगने से माल की ढुलाई आसान और सस्ती हो गई है, जिससे रेलवे स्टेशन की आय में भी वृद्धि होने लगी है।
रेलवे द्वारा स्टेशन के दक्षिण दिशा में निर्मित यह गुड्स प्लेटफॉर्म अब पूरी तरह से चालू है। वर्तमान में यहां सीमेंट की रैक उतारी जा रही हैं। अब तक 40 से अधिक सीमेंट रैक पहुंच चुकी हैं। रैक से उतारी गई सीमेंट को श्रमिक ट्रकों और अन्य वाहनों से व्यापारियों के गोदामों तक पहुंचा रहे हैं।
पहले जिले के सीमेंट व्यापारियों को गोरखपुर के नकहा रेलवे स्टेशन से सीमेंट मंगानी पड़ती थी। वहां से माल लाने में परिवहन लागत काफी अधिक आती थी, जिसका सीधा असर सीमेंट की कीमतों पर पड़ता था। अब सिद्धार्थनगर में ही रैक लगने से व्यापारियों की ढुलाई लागत कम हुई है और उन्हें कई परेशानियों से राहत मिली है।
व्यापारियों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर रैक लगने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है। सीमेंट व्यापारी अरुण उपाध्याय ने बताया कि पहले नकहा से सीमेंट लाने में काफी खर्च और समय लगता था। अब सिद्धार्थनगर में रैक लगने से काफी सहूलियत मिली है। ट्रक उपलब्ध न होने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से भी आसानी से ढुलाई की जा रही है, जिससे खर्च और कम हो गया है।
व्यापारियों का मानना है कि ढुलाई लागत में कमी से सीमेंट की कीमतों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे ग्राहकों को पहले की तुलना में कम दाम पर सीमेंट मिल सकेगी। गुड्स प्लेटफॉर्म के चालू होने से भविष्य में अन्य आवश्यक वस्तुओं की रैक भी यहां लगने की संभावना है। कृषि सीजन के दौरान खाद की रैक भी सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर उतारी जा सकती है। इससे किसानों को गोरखपुर से खाद आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उसी दिन स्थानीय स्तर पर ही खाद उपलब्ध हो सकेगी।
स्थानीय व्यापारियों और किसानों के लिए यह सुविधा काफी लाभकारी साबित हो रही है। वहीं गुड्स प्लेटफॉर्म शुरू होने से रेलवे स्टेशन की आय में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।