झारखंड में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
झारखंड में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार की कार्यशैली पर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है।
आरोप लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री Hemant Soren के नेतृत्व में राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। खास बात यह है कि राज्य का गृह विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही है, इसके बावजूद हत्या, लूट और दुष्कर्म जैसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
आलोचकों का कहना है कि यदि गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास होने के बावजूद अपराध पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है, तो यह सरकार की बड़ी विफलता को दर्शाता है। कई लोगों का मानना है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हो चुके हैं और वे खुलेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
राज्य के कई हिस्सों से लगातार आपराधिक घटनाओं की खबरें सामने आने के कारण आम जनता में भय का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि उन्हें अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता होने लगी है।
वहीं सरकार के विरोधियों का आरोप है कि झारखंड में अब कानून का नहीं बल्कि गैंगस्टरों का राज चलता हुआ दिखाई दे रहा है और सरकार इस पर सख्त कदम उठाने में नाकाम साबित हो रही है।