भारत के एक प्रमुख सुन्नी इस्लामी विद्वान काजी-उल-कुज्जात फिल हिन्द हज़रत मुफ़्ती असजद रज़ा ख़ान क़ादरी की रियाद मे लिया गया हिरासत मे
रियाद/सऊदी मशहूर सूफ़ी आलिम जमआत-ए-रजा-ए-मुस्तफा के प्रमुख और दरगाह आला हज़रत, बरेली के नुमाइंदा हज़रत मुफ़्ती असजद रज़ा ख़ान क़ादरी को प्राप्त जानकारी के अनुसार सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थानीय प्रशासन द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। इस मामले को लेकर मुस्लिम स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइज़ेशन (MSO) ने भारत सरकार से तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है।
एमएसओ ने अपने बयान में कहा कि हज़रत मुफ़्ती असजद रज़ा ख़ान क़ादरी भारत के एक अत्यंत प्रतिष्ठित सूफ़ी धर्मगुरु, इस्लामी विद्वान और अमन-ओ-मोहब्बत के पैरोकार के रूप में जाने जाते हैं। वह दरगाह आला हज़रत, बरेली का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो देश में सूफ़ी विचारधारा, धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक सद्भाव का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
संगठन ने कहा कि मुफ़्ती साहब की पहचान केवल एक धार्मिक विद्वान के रूप में ही नहीं बल्कि समाज में अमन, भाईचारा, इंसानियत और राष्ट्रीय एकता के संदेशवाहक के तौर पर भी है। उनकी हिरासत की खबर से देशभर में उनके चाहने वालों और धार्मिक समुदायों में चिंता का माहौल पैदा हो गया है।
एमएसओ ने भारत सरकार, विशेष रूप से विदेश मंत्रालय से आग्रह किया है कि भारतीय दूतावास के माध्यम से इस मामले की तत्काल जानकारी प्राप्त की जाए, मुफ़्ती साहब को आवश्यक कांसुलर सहायता उपलब्ध कराई जाए और उनकी स्थिति स्पष्ट करते हुए जल्द समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ।।
संगठन का कहना है कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों, विशेषकर प्रतिष्ठित धार्मिक और सामाजिक व्यक्तित्वों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना भारत सरकार की अहम जिम्मेदारी है। एमएसओ ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक राजनयिक पहल करेगी, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और चिंताओं का समाधान निकल सके!!