नाशिक में महिला दिवस पर “भारतीय स्त्री और भारतीय संविधान” विषय पर प्रबोधनात्मक व्याख्यान संपन्न
राईट हेडलाईन्स ब्युरो
नाशिक, 9 मार्च:
विश्व महिला दिवस के अवसर पर नाशिक के ऐतिहासिक क्षेत्र मोठा राजवाडा स्थित दाणी चौक में महाबोधी महिला मंडल की ओर से “भारतीय स्त्री और भारतीय संविधान” विषय पर प्रबोधनात्मक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सामाजिक विचारक किरण मोहिते ने महिलाओं को संविधान द्वारा मिले अधिकारों और उनके सामाजिक महत्व पर विस्तार से मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में वक्ताओं ने दाणी चौक के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए बताया कि इसी स्थान पर भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने कालाराम मंदिर प्रवेश सत्याग्रह के दौरान कई महत्वपूर्ण बैठकों और चर्चाओं का संचालन किया था। ऐसे ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम को सभी ने गर्व और प्रेरणा का विषय बताया।
अपने व्याख्यान में किरण मोहिते ने सिंधु सभ्यता के इतिहास का उल्लेख करते हुए भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति, शिक्षा का महत्व और भारतीय संविधान के माध्यम से महिलाओं को मिले अधिकारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संविधान के जरिए महिलाओं को समानता, शिक्षा और विकास के अवसर मिले हैं, जिनका सही उपयोग कर महिलाएं समाज में महत्वपूर्ण प्रगति कर रही हैं।
कार्यक्रम में एमबीए (फाइनेंस) की पढ़ाई कर चुके युवा अक्षय दाणी भी उपस्थित थे। उन्होंने अपने फीडबैक में कहा कि यह सत्र केवल एक व्याख्यान नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण सीखने का अनुभव था। उन्होंने कहा कि इस मार्गदर्शन से व्यक्तित्व विकास, शिक्षा का महत्व, मानव स्वभाव की समझ, भाषा और संवाद कौशल तथा प्रतिस्पर्धी दुनिया में आगे बढ़ने के तरीकों पर नई दृष्टि मिली। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में समाज को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की भावना से ज्ञान और जागरूकता फैलाने वाले ऐसे विद्वानों की बेहद आवश्यकता है।
इस अवसर पर प्रमुख अतिथियों में श्रमिक सेना के कार्याध्यक्ष बाळासाहेब पाठक, संजय साबळे, समाजसेविका कविता तेजाळे, आकाश भालेराव (जयंती अध्यक्ष, नाशिक रोड), गौरव काळे (जयंती कार्याध्यक्ष, नाशिक रोड), सामाजिक कार्यकर्ता दिगंबर नाडे, पीएसआई अजय पगारे, उत्तम तेजाळे, रोहन दाणी, बिपीन दाणी और नाना तेजाळे सहित अनेक मान्यवर उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत महाराष्ट्र की गायिका श्रावस्ती मोहिते के गीतों से हुई। कार्यक्रम का संचालन वैशाली दाणी और महेश पगारे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कल्पना दाणी ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं और नागरिकों ने कार्यक्रम को प्रेरणादायी बताते हुए ऐसे प्रबोधनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की सराहना की।