देशभर में अनिवार्य वस्तु अधिनियम लागू, गैस की कालाबाजारी पर सख्ती — नियम तोड़ने पर जेल का प्रावधान
ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर भारत पर भी पड़ रहा है। देश के कई शहरों से रसोई गैस सिलेंडर की अस्थायी किल्लत की खबरें सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अनिवार्य वस्तु अधिनियम, 1955 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
सरकार का उद्देश्य देशभर में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर रोक लगाना है।
उत्पादन बढ़ाने के निर्देश :
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी तेल रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने उत्पादन प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव करें। अब कुछ विशेष हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम्स का उपयोग पेट्रोकेमिकल उत्पादों के बजाय एलपीजी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। सरकार का कहना है कि देश में खाना पकाने के लिए गैस की उपलब्धता प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
क्या है अनिवार्य वस्तु अधिनियम :
अनिवार्य वस्तु अधिनियम, 1955 ऐसा कानून है जो सरकार को आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करने का अधिकार देता है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को जरूरी सामान उचित कीमत पर उपलब्ध कराना और कालाबाजारी को रोकना है।
नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई :
इस कानून की धारा 3 के तहत सरकार आवश्यक वस्तुओं की स्टॉक सीमा तय कर सकती है और उनके व्यापार को नियंत्रित कर सकती है। वहीं धारा 7 के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जेल तक का प्रावधान है।
2007 में हुआ था संशोधन :
साल 2007 में इस कानून में संशोधन कर पेट्रोलियम उत्पादों, दवाओं और खाद्य पदार्थों जैसी वस्तुओं को भी इसके दायरे में शामिल किया गया था।
घबराने की जरूरत नहीं :
सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत के पास अभी भी करीब 74 दिनों का गैस भंडार उपलब्ध है। अधिकारियों का कहना है कि देश में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है। युद्ध की खबरों के कारण लोग घबराकर अधिक बुकिंग कर रहे हैं, जिससे अस्थायी कमी जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने गैस सिलेंडर बुकिंग के नियम में भी बदलाव किया है। अब उपभोक्ता पिछले सिलेंडर की बुकिंग के कम से कम 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकेंगे। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग न करें और गैस का उपयोग संयम से करें।