भिवानी के बहुचर्चित मनीषा हत्याकांड (जो अगस्त 2025 में हुआ था) KGB DIGITAL MEDIA
मनीषा हत्याकांड: खाप पंचायतों का भिवानी में बड़ा प्रदर्शन
भिवानी/हरियाणा:
वर्ष 2025 के चर्चित मनीषा मर्डर मिस्ट्री केस में न्याय की मांग को लेकर परिजनों और खाप प्रतिनिधियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। 7 मार्च को गांव ढाणी लक्ष्मण से शुरू हुई 'पैदल न्याय यात्रा' 9 मार्च को भिवानी पहुंची, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रमुख मांगें और आरोप
CBI रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि केस सीबीआई को सौंपे हुए 6 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
हत्या बनाम आत्महत्या: पुलिस ने शुरुआत में इसे आत्महत्या बताया था, जबकि परिजनों का दावा है कि मनीषा की बेरहमी से हत्या की गई थी।
प्रशासनिक ढिलाई: प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर जांच में देरी की जा रही है ताकि दोषियों को बचाया जा सके।
महापंचायत का अल्टीमेटम
पंचायत के दौरान खाप नेताओं (सुरेश कौथ और मेवा सिंह आर्य) ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है:
24 मई की समयसीमा: यदि 24 मई तक सीबीआई जांच के तथ्यों को जनता के सामने नहीं रखा गया, तो एक राज्य स्तरीय विशाल महापंचायत बुलाई जाएगी।
आंदोलन की चेतावनी: खापों ने कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन प्रदेश व्यापी रूप ले लेगा।
पृष्ठभूमि (मामला क्या था?)
अगस्त 2025 में 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा लापता हो गई थी, जिसका शव दो दिन बाद खेतों में संदिग्ध हालत में मिला था। भारी विरोध प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी थी।