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राजस्थान में सरसों और चना की MSP खरीद 25 मार्च से, 15 मार्च से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

राजस्थान सरसों चना MSP खरीद 2026: सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने 9 मार्च को ऐलान किया कि राजफेड के जरिए रबी-2026 के तहत सरसों और चना की सरकारी खरीद 25 मार्च से शुरू होगी। सरसों का MSP ₹6,200 और चना का ₹5,875 प्रति क्विंटल तय है। पंजीकरण 15 मार्च से शुरू होगा।
कृषि-व्यापार डेस्क : राजस्थान के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। प्रदेश सरकार ने रबी सीजन 2026 के तहत सरसों और चने की सरकारी खरीद की तारीखें तय कर दी हैं। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने 9 मार्च 2026 को जयपुर में जानकारी दी कि केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद राजफेड के माध्यम से सरसों और चना की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद जल्द शुरू हो रही है। चार क्षेत्रों- कोटा, अजमेर, भरतपुर और श्रीगंगानगर में 15 मार्च से रजिस्ट्रेशन और 25 मार्च से खरीद शुरू होगी। बाकी चार क्षेत्रों – जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर में 20 मार्च से पंजीकरण और 1 अप्रैल से खरीद होगी।

सरसों-चने का MSP क्या है? जानें सरकारी दाम
केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य इस प्रकार तय किए हैं:
सरसों का MSP ₹6,200 प्रति क्विंटल जबकि चने का MSP ₹5,875 प्रति क्विंटल तय किया गया है।

MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वह गारंटीशुदा कीमत होती है जो सरकार किसानों को उनकी फसल के बदले देती है। अगर मंडी में भाव इससे नीचे जाए, तो सरकारी एजेंसी इसी दाम पर आपकी उपज खरीदेगी यानी किसान को घाटा नहीं होगा। इस बार सरसों का MSP पिछले साल के ₹5,950 से ₹250 ज्यादा और चने का ₹5,650 से ₹225 ज्यादा तय हुआ है।

आज मंडी में क्या चल रहा है सरसों-चने का भाव?
10 मार्च 2026 को राजस्थान की प्रमुख मंडियों में सरसों और चने के ताजा भाव इस प्रकार हैं:

सरसों के मंडी भाव (10 मार्च 2026)
नोहर मंडी : ₹5,800 – ₹6,271 (नई सरसों 41.25 लैब)
जयपुर : ₹6750 (-100 गिरावट)
भरतपुर : ₹6150
अदानी प्लांट अलवर : ₹6,525 (-125 गिरावट)
सलोनी- कोटा, अलवर : ₹7,175 (-100 गिरावट )
चना के मंडी भाव (10 मार्च 2026)
नोहर मंडी : ₹5,000 – ₹5,325
बीकानेर: ₹5,000 – ₹5,200

किसान भाइयों के लिए जरूरी बात: अभी मंडी में सरसों का भाव MSP (₹6,200) के आसपास या उससे ज्यादा चल रहा है। लेकिन चने का बाजार भाव कुछ मंडियों में MSP (₹5,875) से नीचे है। ऐसे में चना उगाने वाले किसानों को सरकारी खरीद केंद्र से बेचना ज्यादा फायदेमंद रहेगा।

रजिस्ट्रेशन कब और कैसे होगा? पूरी प्रक्रिया जानें
MSP पर फसल बेचने के लिए पहले ऑनलाइन पंजीकरण करवाना जरूरी है। रजिस्ट्रेशन के बिना खरीद केंद्र पर फसल नहीं बिकेगी। पंजीकरण करने के दो तरीके हैं:
पहला तरीका : QR Code स्कैन कर खुद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें (राजफेड पोर्टल पर)
दूसरा तरीका : नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर पंजीकरण करवाएं

जरूरी दस्तावेज

आधार कार्ड (बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य), बैंक पासबुक, जमाबंदी/गिरदावरी
मोबाइल नंबर: आधार से लिंक मोबाइल नंबर जरूरी – एक नंबर पर एक ही किसान का पंजीयन होगा
पंजीकरण समय: सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक
हेल्पलाइन: टोल फ्री नंबर 18001806001 – किसी भी समस्या के लिए
आपके जिले में कब से होगी खरीद? देखें पूरी लिस्ट
पहला बैच – रजिस्ट्रेशन 15 मार्च से, खरीद 25 मार्च से
• कोटा संभाग: कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़
• अजमेर संभाग: अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा, ब्यावर, कुचामन-डीडवाना
• भरतपुर संभाग: भरतपुर, अलवर, खैरथल-तिजारा, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर
• श्रीगंगानगर संभाग: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़

दूसरा बैच – रजिस्ट्रेशन 20 मार्च से, खरीद 1 अप्रैल से
• जयपुर संभाग: जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, दौसा, सीकर, टोंक, झुंझुनूं
• जोधपुर संभाग: जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, सिरोही, जालोर, बालोतरा, फलौदी
• उदयपुर संभाग: उदयपुर, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा
• बीकानेर संभाग: बीकानेर, चूरू

एक किसान कितना बेच सकता है? जानें खरीद सीमा
इस बार सरकार ने प्रति किसान खरीद सीमा 25 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रति किसान कर दी है। यह छोटे और मध्यम किसानों के लिए बड़ी राहत है। खरीद प्रक्रिया नैफेड (NAFED) और NCCF – दो केंद्रीय एजेंसियों के जरिए होगी, जिन्होंने राजफेड को अपनी नोडल एजेंसी बनाया है। पूरी खरीद भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 60 दिन की अवधि में पूरी होगी।

राज्य में सरसों की 13.78 लाख मीट्रिक टन और चना की 5.53 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। सरसों के लिए राजस्थान को देशभर में सबसे ज्यादा खरीद कोटा दिया गया है, जो दर्शाता है कि केंद्र सरकार भी राजस्थान के किसानों को लेकर कितनी गंभीर है।

पैसे कब और कैसे मिलेंगे? जानें भुगतान प्रक्रिया
MSP पर फसल बेचने के बाद भुगतान सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए होगा। खरीद के दिन किसान के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS से तुलाई की तारीख और केंद्र की जानकारी दी जाएगी। बायोमीट्रिक पहचान के बिना कोई भी किसान खरीद केंद्र पर फसल नहीं बेच सकेगा, इसलिए आधार और बैंक खाते की जानकारी पहले से सही करवा लें।

किसान मंडी में बेचें या MSP केंद्र पर? समझें फायदा-नुकसान
अभी सरसों का मंडी भाव राजस्थान में औसतन ₹6,443 प्रति क्विंटल चल रहा है, जो सरकारी MSP (₹6,200) से ₹243 ज्यादा है। ऐसे में जिन किसानों की सरसों अच्छी क्वालिटी की है, उनके लिए अभी मंडी में बेचना फायदेमंद हो सकता है। वहीं चने के लिए हाल अलग है – कई मंडियों में चने का भाव ₹5,000 से ₹5,200 के बीच है, जो MSP (₹5,875) से ₹600 से ज्यादा कम है। ऐसे में चना उत्पादक किसानों को सरकारी खरीद केंद्र पर ही बेचना चाहिए।

कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि मंडी भाव को रोज ट्रैक करते रहें। अगर सरसों का मंडी भाव MSP से नीचे आए, तो तुरंत राजफेड के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाएं और सरकारी केंद्र पर बेचें।

किसान भाइयों के लिए जरूरी बातें — एक नजर में
सरसों MSP: ₹6,200/क्विंटल | चना MSP: ₹5,875/क्विंटल (पिछले साल से क्रमशः ₹250 और ₹225 ज्यादा)
खरीद 25 मार्च से (कोटा, अजमेर, भरतपुर, गंगानगर) | 1 अप्रैल से (जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर)
रजिस्ट्रेशन 15 मार्च या 20 मार्च से — ई-मित्र या QR Code से
खरीद सीमा: प्रति किसान 40 क्विंटल (पहले 25 क्विंटल थी)
बायोमीट्रिक पहचान अनिवार्य — आधार मोबाइल से लिंक होना चाहिए
भुगतान सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए
हेल्पलाइन: 18001806001 (टोल फ्री)
सरसों आज मंडी में MSP से ऊपर, चना MSP से नीचे – चना केंद्र पर बेचें

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