इस भ्र्ष्टाचार का असली सरगना डी पी ओ नौकरी लगाने के नाम पर ढकारे लाखो।*
*दलालो के माध्यम से अभ्यर्थियों को दिलवादिये फर्जी नियुक्ति पत्र*
*आखिर जिला कार्यक्रम अधिकारी(डी पी ओ )पर क्यों नहीं हो रही कोई कार्यवही*
एटा दैनिक चर्चा आज की
जो कार्यवाही मुख्य विकास अधिकारी पर हुई है वही कार्यवाही जिला कार्यक्रम अधिकारी पर भी होनी चाहिए क्यों की अव से करीब दो वर्ष पूर्व डी पी ओ संजय सिंह ने जनपद में ऐसा जाल विछाया कि अपने दलालो के माध्यम से आँगन बाड़ी में संविदा पर नौकरी लगाने के नाम पर दलालो को सक्रिय कर दिया ओर नौकरी के इच्छुक प्रति कंडीडेट से एक लाख रूपये दलालो के माध्यम से इकट्ठा किया गया उन रुपयों के एवज में उन अभ्यार्थियों को दलालो के माध्यम से फर्जी नियुक्ति पत्र दिला दिए गए लेकिन उन पीड़ित नौकरी इच्छुक वालिकाओं व महिलाओ को अभी तक नौकरी नहीं मिली और नहीं उनका पैसा जब पीड़ित व्यक्ति उन दलालो से अपना पैसा मांगते है तो वो दलाल जिन्होंने नौकरी लगवाने के नाम पर रूपये लिए थे वो अव उन अभ्यर्थियों के परिजनों से आप शब्दों का प्रयोग करते हुऐ धमकी भी देते है लेकिन इन सव का मास्टर माइंड सवसे बड़ा भृष्ट एटा डी पी ओ है जो लाखो रूपये डकार गया क्या ऐसे करपशन खोर अधिकारी पर कोई कार्यवाही होंगी या फिर दुधाडू गाय समझ कर छोड़ दिया जायेगा ओर सवसे वड़ी वात है इस भृष्ट अधिकारी डी पी ओ जब से एटा में आया है तव से आँगन बाड़ी विभाग में खुल कर लूट मची है लेकिन कोई भी भृष्ट इस विभाग के अधिकारी पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है क्या उच्च अधिकारियों का ऐसे भृष्ट अधिकारी को पूर्ण संरक्षण है या राजनैतिक दवाव है सी डी ओ तो एक मोहरा है इस विभाग में मुख्य सरगना तो डी पी ओ है।
पत्रकार भानु चौहान