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मां अपनी तीन बेटियों के साथ पहुंची एस पी के द्वारे और लगाई न्याय की गुहार

बाँदा। बबेरू कोतवाली अंतर्गत एक गांव की रहने वाली मां बेटियों ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। देश को अंग्रेजों की गुलामी से आज़ादी मिले कई दशक बीत चुके हैं, लेकिन जनपद बाँदा के ग्राम पंचायत मुरवल में आज भी कथित रूप से दबंगई और भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान पति हिस्ट्रीशीटर अपराधी रामबाबू निषाद अपने प्रभाव के बल पर मानो अंग्रेजी हुकूमत की तरह व्यवहार कर रहे हैं। जहाँ एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश को भयमुक्त होने का दावा करती है और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं मुरवल के ग्रामीणों का कहना है कि उनकी बेटियाँ आज भी भय के साये में जीने को है मजबूर
पीड़िता के आरोप लगाते हुए बताया कि जब वह स्कूल जा रही थी तो रास्ते में प्रधान के पुत्र और उसके कुछ साथियों ने उसे रोक लिया जिसके कारण उसका प्री-बोर्ड परीक्षा का एक पेपर भी छूट गया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसका हाथ पकड़कर खींचा, छेड़छाड़ की और अभद्र गालियाँ दीं। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि आरोपियों का इतना दबदबा है कि स्थानीय पुलिस भी उनके प्रभाव में काम करती दिखाई देती है। न्याय की तलाश में पीड़िता अपनी फरियाद लेकर लखनऊ तक मुख्यमंत्री से मिलने पहुँची, लेकिन उसे मुलाकात का अवसर नहीं मिल सका। बताया जा रहा है कि पीड़िता पिछले दो तीन महीनों से न्याय के लिए दर-दर भटक रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा और गाँव की माताएँ-बेटियाँ कब निर्भय होकर घर से बाहर निकल सकेंगी। जानकारी के अनुसार पूर्व में भी प्रधान पति रामबाबू निषाद के ऊपर एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज है लूट बलात्कार अपहरण जैसे फिर भी खुलेआम बाहर घूम रहा है।

ब्यूरो चीफ ताहिर अली बांदा से

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