गया में न्याय की पहल: डीएम शशांक शुभंकर ने 133 एससी-एसटी पीड़ितों को ₹97 लाख से अधिक मुआवजा स्वीकृत
गया जिला प्रशासन ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 133 पीड़ितों को राहत प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। Shashank Shubhankar ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर कुल 97,80,100 रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की है।
जिला प्रशासन के अनुसार यह राशि पीड़ितों को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे उनके आधार से लिंक बैंक खातों में भेजी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और त्वरित सहायता सुनिश्चित हो सके।
पहला आदेश – 28 फरवरी
पहले आदेश के तहत 79 पीड़ितों के लिए 57,27,250 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई।
15 मामले प्रथम किस्त के
64 मामले द्वितीय किस्त के
दूसरा आदेश – 07 मार्च
दूसरे आदेश में 54 पीड़ितों के लिए 40,52,850 रुपये की सहायता राशि मंजूर की गई।
19 मामले प्रथम किस्त के
35 मामले द्वितीय किस्त के
मुआवजा राशि का प्रावधान
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ितों को विभिन्न मामलों में सहायता राशि निर्धारित है:
अपमानित करने पर: ₹1 लाख
प्राथमिकी पर 25%
चार्जशीट पर 50%
दोष सिद्धि पर 25%
गंभीर चोट/मारपीट: ₹2 लाख तक
बलात्कार / सामूहिक बलात्कार: ₹5 लाख से ₹8.25 लाख तक
हत्या / मृत्यु: ₹8.25 लाख
आश्रितों को ₹5000 मासिक पेंशन
परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी का प्रावधान
डीएम का संदेश
डीएम ने स्पष्ट कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार के अत्याचार के मामलों में प्रशासन पीड़ितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।