चिरकुंडा: 'भू-धसान' के मुहाने पर आबादी, भारी-भरकम पानी टंकी के निर्माण से दहशत!
चिरकुंडा (धनबाद): झारखंड प्रदेश अंबेडकर मंच ने चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत श्रम कल्याण केंद्र में बनाई जा रही भारी पानी टंकी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंच का दावा है कि जिस स्थान पर यह निर्माण हो रहा है, वह क्षेत्र 'भूधसान' की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है।
क्या है पूरा मामला?
अंबेडकर मंच के प्रदेश अध्यक्ष मुरली तुरी ने कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखकर निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि:
खतरे में जमीन: टंकी का निर्माण जिस स्थल पर हो रहा है, उसके नीचे ECCL Colliery की दो मंजिला इंक्लाइंड खदानें हैं।
पूर्व की घटनाएँ: पास के घरों में जब बोरिंग की गई थी, तब कोलियरी प्रबंधन द्वारा बोरिंग की मोटर नीचे से ही निकाल ली गई थी, जो यह साबित करता है कि नीचे जमीन खोखली है।
जान-माल का खतरा: स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इतनी भारी टंकी का निर्माण यहाँ किया जाता है, तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है और क्षेत्रीय लोगों की जान जा सकती है।
NOC का अभाव: सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यह जमीन श्रम विभाग की है और अभी तक इसके लिए कोई अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) भी नहीं लिया गया है।
प्रशासन को चेतावनी
अंबेडकर मंच ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संवेदक, अंचल अधिकारी (एगरकुण्ड) और नगर परिषद चिरकुंडा की होगी।