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छत्तीसगढ़ में आज कल ट्रैफिक पुलिस द्वारा मोबाइल से फोटो खींचकर चालान करना आसान है पर नो हेलमेट नो पैट्रोल का नियम कहा उपयोग होता है कभी जानकारी लेते हैं ?



छत्तीसगढ़ में आजकल कई जगहों पर यह देखा जा रहा है कि ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों की फोटो मोबाइल फोन से खींचकर ऑनलाइन ई-चालान भेज रही है। इसे लेकर आम लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि क्या ट्रैफिक पुलिस निजी मोबाइल से फोटो लेकर चालान कर सकती है या नहीं।



विशेषज्ञों के अनुसार ट्रैफिक नियमों के तहत चालान करने के लिए सरकार द्वारा अधिकृत ई-चालान मशीन, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड कैमरा या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग किया जाता है। इन उपकरणों में जीपीएस और समय की जानकारी भी रिकॉर्ड होती है, जिससे उल्लंघन का पुख्ता प्रमाण मिलता है।



कुछ राज्यों में अधिकारियों ने ट्रैफिक पुलिस को निर्देश भी दिए हैं कि वे निजी मोबाइल फोन से फोटो लेकर ई-चालान जारी न करें और केवल विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आधिकारिक उपकरणों का ही उपयोग करें। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि चालान की प्रक्रिया पारदर्शी रहे और गलत इस्तेमाल की संभावना कम हो।



हालांकि कई शहरों में सीसीटीवी और ऑटोमेटिक कैमरों के जरिए ट्रैफिक नियम तोड़ने पर सीधे वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन चालान भेज दिया जाता है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।



मेरा सवाल है यह नियम छत्तीसगढ़ के पेट्रोल पंप में होना चाहिए जहां नो हेलमेट नो पैट्रोल का बोर्ड बैनर लगा होता है पर कार्यवाही के नाम से जीरो पेट्रोल पंप संचालक स्वयं बोलते हैं पेट्रोल नहीं मिलेगा जब हेलमेट नहीं पहनोगे आगे वाले से या पीछे वाले से हेलमेट एक्सचेंज कर पहन लो ऐसे कितने पेट्रोल पंप में अपने कार्यवाही की है आजतक ।



विशेषज्ञों की सलाह:

हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें

ट्रैफिक सिग्नल और स्पीड लिमिट का पालन करें

ई-चालान की जानकारी केवल सरकारी पोर्टल पर ही जांचें

पर नो हेलमेट नो पैट्रोल का नियम कहा है



पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

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