पुरी में अनोखी परंपरा: झील पार कर भगवान के साथ होली खेलने जाते हैं भक्त
पुरी (ओडिशा): ओडिशा के पुरी जिले के मालुद क्षेत्र में एक अनोखी और प्राचीन परंपरा आज भी पूरे उत्साह के साथ निभाई जाती है। यहां लगभग 150 साल पुराना ‘पंचुदोला मेला’ हर वर्ष होली के पांच दिन बाद शुरू होता है और तीन दिनों तक चलता है। यह उत्सव भगवान राधा-कृष्ण को समर्पित होता है।
इस मेले की सबसे खास बात यह है कि आसपास के करीब 24 गांवों से भक्त सुंदर सजी-धजी पालकियों में राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं लेकर आते हैं। इन पालकियों को भक्त चिल्का झील के पानी को पार करते हुए एक विशेष स्थान तक ले जाते हैं। झील के बीच से निकलते हुए यह दृश्य बेहद अद्भुत और श्रद्धा से भरा होता है।
भक्तों का मानना है कि इस यात्रा के माध्यम से वे अपने आराध्य भगवान के साथ होली खेलने और आशीर्वाद लेने के लिए जाते हैं। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, संगीत और उल्लास का माहौल बना रहता है।
यह अनोखा उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को भी दर्शाता है। हर साल हजारों श्रद्धालु इस मेले में शामिल होकर इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बनते हैं।
पत्रकार .. सुनील अहिरवार