राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव पर सस्पेंस, तारीख तय नहीं; मतदाता और प्रत्याशी असमंजस में
टोंक जिले में आगामी पंचायतराज और नगर निकाय चुनावों को लेकर मतदाता और भावी प्रत्याशी असमंजस में है। निर्वाचन आयोग की ओर से भले ही तैयारियां की जा रही है। लेकिन चुनाव कब होंगे इसको लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल रही है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर याचिका लगाई हुई है जिसमें वह ओबीसी आरक्षण को लेकर अभी रिपोर्ट पूरी तरह नहीं बनना बता रही है।
ऐसे में भावी प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में पूरी तरह से नहीं उतर पा रहे हैं। हालांकि वे गाहे-बगाहे मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं। जिले में अब पंचायतराज के तहत पंचायत समिति और जिला परिषद समेत नगर निकाय की कमान अब प्रशासन के हाथ आ गई है।
ग्राम पंचायतों में सरपंचों को ही प्रशासक लगा रखा है। लेकिन वे भी चुनाव की तैयारियों में इस लिए नहीं जुट पा रहे हैं कि प्रचार-प्रसार में दम कब से लगाना है। वहीं पंचायत समितियों के चुनाव के लिए लॉटरी प्रक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, जिसे लेकर उम्मीदवारों और समर्थकों के बीच असमंजस बना हुआ है।
युवाओं में नेता बनने का जोश
इस बार की खास बात यह है कि टोंक जिले में युवा नेताओं का उत्साह देखने को मिल रहा है। युवाओं में राजनीति में सक्रिय होने का एक नया जोश है और वे अब चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार है। जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में युवा वर्ग के बीच नेता बनने की होड़ सी मची हुई है।
कई युवा नेता अपनी नई सोच और ऊर्जा के साथ लोगों के बीच पहुंचकर उनसे समर्थन प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। यह भी माना जा रहा है कि इस बार युवा उम्मीदवारों की जीत से राजनीति में एक नई दिशा देखने को मिल सकती है, जो ग्रामीण इलाकों में विकास की नजर से काफी अहम होगा।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि थे मौजूद
चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन विभाग ने गत दिनों राजनीतिक दलों की मौजूदगी में ईवीएम को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्ट्रांग रूम में रखवा लिया है। विभाग के अनुसार 1325 कंट्रोल यूनिट और 3000 बैलेट यूनिट मशीन आई है।
पदों में हुई बढ़ोतरी
गत चुनाव की अपेक्षा इस बार पंचायत चुनाव में निर्वाचित सदस्यों की संख्या अधिक रहेगी। जिला परिषद में पहले 25 डीआर चुने जाते थे। इस बार 31 का चुनाव होगा। जिले में पहले 236 ग्राम पंचायतों में सरपंच चुने गए। अब 282 सरपंच होंगे। पंचायत समिति सदस्य पहले 135 थे अब 160 चुने जाएंगे। इस बार पचेवर नई पंचायत समिति बनी है। वहां भी पहली बार चुनाव होंगे।
आज होगी ईवीएम की जांच
जिला निर्वाचन विभाग ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्ट्रांग रूम में रखवाई गई ईवीएम की जांच के लिए राजनीतिक दलों को पत्र लिखा है। इसके मुताबिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ईवीएम की जांच मंगलवार को की जाएगी।
इनका कहना है
पंचायतीराज और नगर निकाय को लेकर भाजपा पूरी तरह तैयार है। जीत को लेकर विशेष तैयारियां हो चुकी है। उम्मीद है जल्द ही चुनाव का कार्यक्रम घोषित होगा।
-चन्द्रवीर सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा टोंक
चुनाव को लेकर सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है। सरकार की तरफ से कोई संकेत भी नहीं मिल रहे हैं। वहीं कांग्रेस चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है।
-सऊद सईदी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस टोंक