logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

लहरागागा में मकानों पर कब्जे को लेकर तनाव, मंडी निवासियों ने बाजार बंद कर पीड़ितों का साथ दिया; कब्जे का वारंट लेने वाला अधिकारी बेरंग लौटा।

09 मार्च: लहरागागा (सुरेश जवाहर वाला) स्थानीय शहर के वार्ड नंबर 4 में उस समय तनाव का माहौल पैदा हो गया जब कथित तौर पर कुछ लोग पुलिस बल के साथ कोर्ट के वारंट के आधार पर कुछ मकानों पर कब्जा करने के लिए मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही मंडी और शहर के निवासी बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और विरोध किया, जिससे कब्जा लेने आए अधिकारियों को बेरंग लौटना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार, पवन कुमार पुत्र देस राज और मेघ राज और अन्य पीड़ित परिवारों ने बताया कि वे पिछली तीन पीढ़ियों से इन मकानों में रह रहे हैं। उनका कहना है कि बिजली और पानी के बिल भी उनके नाम पर हैं और वे लंबे समय से इन मकानों पर काबिज हैं। पीड़ितों ने बताया कि जब करीब 70 साल पहले ये मकान खरीदे गए थे, तो ज्यादातर प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में दर्ज थी। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि मकानों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे लोगों ने कोर्ट केस न होने का फायदा उठाकर केस अपने पक्ष में कर लिया और अब भारी पुलिस फोर्स के साथ मकानों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर के सभी लोगों ने उनका साथ दिया है और मार्केट के लोगों ने भी मार्केट बंद करके अपना समर्थन दिया है। पीड़ितों ने कहा कि उनके परदादा से लेकर दादा, फिर वे और अब उनके बच्चे सभी पीढ़ियां इन मकानों में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे गलत थे तो करीब 50 साल पहले जब वे इन मकानों की मरम्मत कर रहे थे तो किसी ने कोई एतराज नहीं जताया था। उनके मुताबिक, इन मकानों को कई बार तोड़कर फिर से बनाया गया है, लेकिन अब कुछ लोग लालच के कारण इन प्रॉपर्टी पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान मकान मालिकों और शहर के लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ नारे भी लगाए। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि लैंड माफिया उनके मकानों पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा करके उन्हें उनके घरों से बेदखल करना चाहते हैं। इस मामले में जब वारंट ऑफिसर से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने इस मामले पर अपना कोई भी पक्ष रखना उचित नहीं समझा। माननीय कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 13 मार्च को होने की संभावना है।

123
7297 views

Comment