कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव
स्वास्थ्य विभाग के मंत्री सत्यकुमार यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि राज्य के 18 सरकारी अस्पतालों में 18 इनोवेटर्स द्वारा एक साथ 40 आधुनिक उपकरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण स्क्रीनिंग और कन्फर्मेशन टेस्ट किए जा रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि इन आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कम समय में बीमारी की पहचान संभव हो रही है। इससे डॉक्टरों का समय बच रहा है और मरीजों को जल्दी और बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है।
यह पायलट प्रोजेक्ट वर्तमान में विशाखापट्टनम, अनंतपुर, गुंटूर, काकीनाडा के सरकारी अस्पतालों, सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज, पार्वतीपुरम, तेनाली के जिला अस्पताल सहित अन्य स्थानों पर लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जैसे कि
मरीज और डॉक्टर के बीच होने वाली बातचीत की रिकॉर्डिंग
खांसी की आवाज से टीबी की पहचान
हृदय रोग और एनीमिया की जांच
सर्वाइकल कैंसर की पहचान के लिए एआई कैमरा
बच्चों में न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की पहचान
कैटरेक्ट और ग्लूकोमा की जांच
एनीमिया और अन्य बीमारियों की जांच के लिए आधुनिक उपकरण
मंत्री ने बताया कि अस्पतालों में हाल ही में शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों पर एक विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को प्रस्तुत की जाएगी।
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