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रंग पंचमी पर करीला धाम में उमड़ा जन सैलाब। मुख्यमंत्री साहब का प्रिय स्थान होने के बावजूद भी यहां पर है कई खामियां

रंगपंचमी के अवसर पर करीला धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। 24 घंटों के भीतर 20 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने माता जानकी के दर्शन किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 115 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया, जिनमें सीएम राइज स्कूल, पानी की टंकी और सड़कें शामिल हैं।

लेकिन क्या करें देश की ही हालत ऐसी है तो मध्य प्रदेश की तो फिर क्या ही कहना। हमारे मुख्यमंत्री साहब यहां पर कई बार आ चुके हैं और मुख्यमंत्री बनने के बाद भी लेकिन यहां पर पानी की आव्यवस्था लगातार बनी हुई है और करीला धाम परिसर सवालों के घेरे में बना रहता है।

साथ ही, दीपनाखेड़ा से करीला तक 10 किमी की नई सड़क बनाने की घोषणा भी की गई। मेले की रात 700 से अधिक नृत्यांगनाओं के राई नृत्य से गुलजार रही। सुरक्षा के लिए 1700 पुलिसकर्मी तैनात रहे और सीसीटीवी से निगरानी की गई।

हालांकि, व्यवस्थाओं में कमी भी दिखी; करोड़ों की लागत से बनी टंकी के लोकार्पण के बावजूद श्रद्धालु पानी के लिए भटकते नजर आए। वहीं, मंदिर परिसर में वॉलिंटियर्स द्वारा श्रद्धालुओं के प्रसाद को उचित स्थान देने के बजाय किनारे फेंकने पर लोगों ने आपत्ति जताई।

आपकी जानकारी के लिए बता दे है करीला धाम बहुत ही प्रसिद्ध और प्राचीन स्थान है यहां पर राम भगवान लंका जीतने के बाद अयोध्या लौटे थे तब श्री राम भगवान ने इनको देश निकाला दे दिया था इसके बाद से माता जानकी इसी स्थान पर आकर रहने लगी थी और लव कुश को जन्म देकर अपने बच्चों को मातृभाषा और श्री वाल्मीकि जी के द्वारा उनको शिक्षा अध्ययन दिया गया।
तभी से यह स्थान बहुत ही पवित्र और प्राचीन माना जाता है और यह माना जाता है कि यहां पर कोई भी संतान की मनोकामना करता है तो जरूर पूर्ण होती है।



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