संत कबीर नगर में मोस्ट सामाजिक जागरूकता/प्रगति चिंतन कार्यक्रम का आयोजन
बस्ती के जिला संयोजक लक्ष्मण साहनी तथा संतकबीर नगर का मोस्ट जिला प्रमुख बाल किशन निषाद व जिला संयोजक सुभाष चंद्र साहनी का हुआ चयन
संत कबीर नगर। कल दिनांक 08.03.2026 को मोस्ट कल्याण संस्थान के तत्वावधान में सामाजिक जागरूकता एवं सामाजिक प्रगति चिंतन कार्यक्रम का आयोजन उजाला मैरिज हाल, नरसिंहपुर, पचपोखरी में मोस्ट डायरेक्टर शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" के नेतृत्व व संतबली निषाद की अध्यक्षता एवं बाल किशन निषाद के संरक्षण में सम्पन्न हुआ।
उक्त अवसर पर बाल किशन निषाद को जिला प्रमुख संत कबीर नगर तथा सुभाष चंद्र साहनी को जिला संयोजक संत कबीर नगर तथा लक्ष्मण साहनी को जिला संयोजक बस्ती चयनित किया गया।
उक्त अवसर पर संत कबीर नगर के सांसद लक्ष्मीकांत पप्पू निषाद ने मोस्ट कार्य कार्यक्रम को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।
मोस्ट डायरेक्टर शिक्षक श्यामलाल निषाद "गुरूजी" ने कहा कि भोले-भाले निषादों के वोट की सौदेबाजी को रोकने के लिए सामाजिक चिंतकों को समाज के बीच में जाकर सावधान/जागृति करना होगा।
इस मौके पर मोस्ट प्रमुख ज़ीशान अहमद, जनरल सेक्रेटरी राम उजागिर यादव, शकुंतला निषाद, संजू प्रसाद निषाद, एड. पुरूषोत्तम साहनी, एड. हरिश्चंद्र निषाद, अनिरुद्ध निषाद, राम छैल निषाद, राहुल कुमार निषाद, फूलचंद्र गौतम, रामशंकर, हिमांशु निषाद, बाबूराम निषाद, परदेशी निषाद, राजेश निषाद, सुरेश निषाद, अखिलेश कुमार, महेश निषाद, राजू निषाद, हरिराम, सोहनलाल, श्रीचंद्र निषाद, राम बहादुर निषाद, राम अचल, संपत गौतम, अमित निषाद, आनंद निषाद, सुधांशु निषाद, दुर्गेश, हरि चरण निषाद, शिव चरण निषाद, सतीश साहनी, राम विलास, बलि राम निषाद, बाबूलाल निषाद (स.क.), रामचन्द्र निषाद, गुलाब चंद्र, राम आशीष, नन्दलाल, चंद्र प्रकाश, राजेन्द्र निषाद, रामजी फौजी, अशोक कुमार निषाद, विनोद निषाद, मनोज निषाद, सुभाष निषाद, ध्रुवचंद्र निषाद (एलआईसी), ओम प्रकाश निषाद, अरविंद निषाद, बृजेश कुमार निषाद, प्रधान विश्वनाथ निषाद, पवन कुमार गौड़, दिलीप कुमार निषाद, गोपाल निषाद, हरिलाल लोधी, ईश्वरचंद्र यादव, संजय यादव, अर्जुन यादव, धर्मेन्द्र यादव, श्यामजी विश्वकर्मा, शमीउल्ला खां, चतुर्भुजी निषाद, राम बहाल निषाद, सुरेंद्र कुमार राजभर, राम मिलन निषाद, केशव राजभर, बाबूलाल निषाद, राम प्रकाश निषाद, वसीम अहमद सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।