।।राजकीय पशु चिकित्सालय कठूडबड़ा में भव्य पशु प्रदर्शनी, 60 पशुपालकों ने लिया भाग, उत्कृष्ट पशुपालक हुए सम्मानित।। कमल उनियाल
द्वारीखाल गढ़वाल संबाददाता कमल उनियाल
कठूडबड़ा (पौड़ी गढ़वाल)। पशुपालन को बढ़ावा देने और पशुपालकों को जागरूक करने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा राजकीय पशु चिकित्सालय कठूडबड़ा में एक दिवसीय पशु प्रदर्शनी एवं प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान उषा देवी ने की। इस आयोजन में क्षेत्र के लगभग 60 पशुपालकों ने अपने उन्नत नस्ल के पशुओं के साथ प्रतिभाग कर पशुपालन के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया।
पशु प्रदर्शनी में पशुओं का मूल्यांकन उनके स्वास्थ्य, कद-काठी, नस्ल की गुणवत्ता और चाल के आधार पर किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को सम्मानित किया गया।
बद्री गाय (कामधेनु) श्रेणी में निर्मिला देवी प्रथम, ममता देवी द्वितीय तथा शीला देवी तृतीय स्थान पर रहीं।
दोगली जर्सी गाय श्रेणी में विमला देवी प्रथम, स्वरा देवी द्वितीय और शीला देवी तृतीय स्थान पर रहीं।
बैल की जोड़ी श्रेणी में घनानंद, सूरज सिंह और रामलाल को सम्मानित किया गया।
बकरी पालन श्रेणी में सत्य सिंह, लता देवी और रामलाल को पुरस्कार प्रदान किए गए।
वहीं घोड़ा-खच्चर पालन श्रेणी में सुनीता देवी, गजेन्द्र सिंह और चन्द्र प्रकाश को भी उत्कृष्ट पशुपालन के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीलम पुरोहित ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से पशुपालकों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है और वे उन्नत नस्ल के पशुओं के पालन के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ उठाकर पशुपालक अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
इस अवसर पर राजकीय पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश भट्ट ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि इसे वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से किया जाए तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय का एक मजबूत साधन बन सकता है।
कार्यक्रम में पशुधन सहायक विजेन्द्र सिंह, मनोज बलूनी, हरीश पंवार, पशुधन प्रसार अधिकारी राजेश कुमार, प्रदीप सिंह, पशु चिकित्सा फार्मेसी अधिकारी राजकुमार सहित बड़ी संख्या में पशुपालक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विजेता पशुपालकों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा पशुपालन को और अधिक बढ़ावा देने का आह्वान किया गया