नारी शक्ति के सम्मान से ही समृद्ध होगा राष्ट्र: अवनीश कुमार चौहान |
अमरोहा के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 'मातृशक्ति' का भव्य सम्मान!
विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री ने संस्कार, सुरक्षा और सशक्तिकरण पर दिया जोर l
अमरोहा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर आज प्रातः 10:00 बजे जनपद के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए विश्व हिंदू महासंघ (गौ रक्षा प्रकोष्ठ) के प्रदेश मंत्री अवनीश कुमार चौहान ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और उपस्थित मातृशक्ति को संबोधित करते हुए उन्हें प्रेरणा के पुंज के रूप में नमन किया।
संस्कारों की जननी है नारी
सदन को संबोधित करते हुए अवनीश कुमार चौहान ने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः" का उल्लेख करते हुए कहा कि जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहीं सुख-समृद्धि और देवताओं का वास होता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "जब एक पुरुष शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक स्त्री शिक्षित और सुसंस्कृत होती है, तो पूरा परिवार और आने वाली पीढ़ियाँ संस्कारवान बनती हैं। हमारी सनातन संस्कृति में नारी केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि संस्कारों की अक्षुण्ण जननी है।"
सशक्तिकरण और सुरक्षा का संकल्प
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को निर्णय लेने की स्वतंत्रता और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने समाज का आह्वान करते हुए कहा कि सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज का सामूहिक नैतिक उत्तरदायित्व है। जब समाज का हर पुरुष नारी को माता, बहन और पुत्री की दृष्टि से देखेगा, तभी एक 'भयमुक्त समाज' की संकल्पना साकार होगी।
प्रेरणा स्रोत के रूप में मातृशक्ति को नमन
अपने संबोधन के अंत में प्रदेश मंत्री ने विद्यालय की छात्राओं और उपस्थित महिलाओं को जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आज की नारी घर की चौखट से लेकर अंतरिक्ष तक अपनी योग्यता सिद्ध कर रही है। उन्होंने समस्त मातृशक्ति को प्रेरणा स्रोत बताते हुए सादर नमन किया और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की मंगलकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन, गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। कार्यक्रम के अंत में गौ रक्षा और राष्ट्र सेवा का संकल्प भी दोहराया गया।