आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी, रायपुर में “रिसर्च एक्सीलेंस एंड अकादमिक राइटिंग” पर 5-दिवसीय ऑनलाइन एफडीपी का आयोजन
दुर्ग विशेष रिपोर्टिंग : आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी, रायपुर के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ तथा फैकल्टी ऑफ कॉमर्स द्वारा “रिसर्च एक्सीलेंस एंड अकादमिक राइटिंग” विषय पर 5-दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 10 मार्च से 14 मार्च 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से 3:30 बजे तक आयोजित होगा।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा में शोध की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना तथा शिक्षकों और शोधार्थियों के अकादमिक लेखन कौशल को विकसित करना है। इस FDP के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रभावी शोध लेखन, रिसर्च मेथडोलॉजी, तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में शोध प्रकाशन की प्रक्रिया से संबंधित व्यावहारिक और अकादमिक जानकारी प्रदान की जाएगी। इससे प्रतिभागियों की शोध क्षमता मजबूत होगी और गुणवत्तापूर्ण अकादमिक लेखन के प्रति उनकी समझ विकसित होगी।
यह कार्यक्रम विशेष रूप से फैकल्टी सदस्यों, शोधार्थियों तथा पीएच.डी. अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया गया है। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को शोध लेखन की गुणवत्ता बढ़ाने, जर्नल प्रकाशन प्रक्रिया को समझने तथा अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. पांडेय ने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध और प्रभावी अकादमिक लेखन अत्यंत आवश्यक हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों और शोधार्थियों को वैश्विक शोध मानकों के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय में मजबूत शोध संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम की कन्वीनर (मैनेजमेंट) डॉ. अर्ची दुबे ने बताया कि इस FDP का उद्देश्य शिक्षकों और शोधार्थियों को शोध लेखन के व्यावहारिक पहलुओं से जोड़ना है, ताकि वे अपने शोध कार्य को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकें और उच्च गुणवत्ता वाले जर्नलों में प्रकाशित कर सकें।
वहीं कन्वीनर (कॉमर्स) डॉ. आभा शुक्ला ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को शोध पद्धति, अकादमिक लेखन की संरचना तथा जर्नल पब्लिकेशन की प्रक्रिया को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा, जिससे उनकी शोध क्षमता और अकादमिक दृष्टि को सुदृढ़ किया जा सकेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि कार्यक्रम में सीमित सीटें उपलब्ध हैं। इसलिए इच्छुक प्रतिभागियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण करने का अनुरोध किया गया है। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय में अकादमिक उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने और शोध-उन्मुख वातावरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।