खुदागंज में रंग पंचमी पर निकला ‘लॉट साहब’ का जुलूस, गधे पर बैठाकर बरसाए जूते-चप्पल
शाहजहांपुर। जिले के खुदागंज कस्बे में होली के पांचवें दिन रंग पंचमी के अवसर पर सदियों पुरानी अनोखी परंपरा निभाई गई। इस दौरान गधे पर बैठाकर ‘लॉट साहब’ का पारंपरिक जुलूस पूरे कस्बे में निकाला गया। जुलूस के दौरान लोगों ने छतों से रंग फेंका और ‘लॉट साहब’ पर जूते-चप्पल बरसाकर उनका स्वागत किया।
कस्बे में यह आयोजन अंग्रेजों के जमाने में किए गए अत्याचारों के विरोध के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार एक व्यक्ति को ‘लॉट साहब’ की उपाधि दी जाती है। होली के पांचवें दिन उसे गधे पर बैठाकर तय मार्ग से जुलूस निकाला जाता है। जुलूस जिस-जिस गली से गुजरता है, वहां लोग छतों से रंग और जूते-चप्पल फेंककर विरोध की परंपरा निभाते हैं।
रंग पंचमी के इस आयोजन को लेकर कस्बे में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए। वहीं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कस्बे के प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था।
परंपरा के अनुसार जुलूस का समापन खुदागंज थाने पर होता है। यहां ‘लॉट साहब’ थाना प्रभारी से पूरे साल के अपराधों का लेखा-जोखा मांगते हैं। यदि लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया जाता तो प्रतीकात्मक रूप से ‘लॉट साहब’ को शराब की बोतल देकर मामला निपटाया जाता है।
सभासद सौरभ गुप्ता उर्फ नीटू ने बताया कि खुदागंज में अंग्रेजों के समय से ही होली का त्योहार पांचवें दिन मनाने की परंपरा चली आ रही है। हमारे पूर्वजों ने इस अनूठी परंपरा की शुरुआत की थी, जिसे आज भी कस्बेवासी मिलकर निभा रहे हैं।