सरगुजा का गौरव रामगढ़ बदहाली में! नवरात्र से पहले सुविधाओं के अभाव पर उठे सवाल
जगदीश जायसवाल उदयपुर
समाचार:
सरगुजा जिले की ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण रामगढ़ की पहाड़ियाँ इन दिनों बदहाली और प्रशासनिक उपेक्षा का सामना कर रही हैं। यह स्थल विश्व की प्राचीन नाट्यशालाओं में मानी जाने वाली सीता बेंगरा गुफा तथा ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि महान संस्कृत कवि कालिदास की रचनात्मक प्रेरणा से भी इस स्थान का गहरा संबंध रहा है।
इतनी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान होने के बावजूद यहाँ आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है और शाम ढलते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है, जिससे सुरक्षा और सुविधा दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं गुफाओं में मौजूद प्राचीन शिलालेखों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर भी अब तक कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है।
विशेष बात यह है कि कुछ ही दिनों में चैत्र नवरात्रि का पर्व आने वाला है। हर साल इस दौरान रामगढ़ क्षेत्र में बड़ा मेला लगता है, जिसमें दूर-दराज़ से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुँचते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है कि यदि समय रहते व्यवस्थाएँ नहीं की गईं, तो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों और युवाओं का कहना है कि यदि रामगढ़ क्षेत्र का व्यवस्थित विकास किया जाए तो यह छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों में शामिल हो सकता है, जिससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
लोगों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि नवरात्रि मेले से पहले ही यहाँ पानी, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि सरगुजा की इस ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर की गरिमा बनी रहे।