बेलढाना में सड़क निर्माण पर भ्रष्टाचार के आरोप, घटिया सामग्री से बन रही सड़क; सरपंच-सचिव और अधिकारी मौन।
बेलढाना में सड़क निर्माण पर भ्रष्टाचार के आरोप, घटिया सामग्री से बन रही सड़क; सरपंच-सचिव और अधिकारी मौन।
देवरी कला (जिला सागर)।
देवरी जनपद की ग्राम पंचायत बेलढाना में चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया और गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे पूरे मामले में भ्रष्टाचार की आशंका और गहरा गई है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान सीमेंट, रेत और गिट्टी का अनुपात तय मानकों के अनुरूप नहीं रखा जा रहा है। सड़क की मोटाई भी कम दिखाई दे रही है और कई स्थानों पर निर्माण के समय ही दरारें पड़ती नजर आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह का निर्माण जारी रहा तो पहली ही बारिश में सड़क उखड़ सकती है और सरकारी धन की बर्बादी होना तय है।
मामले में तब और संदेह गहरा गया जब पंचायत सचिव ने सड़क निर्माण की कुल लागत लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये बताई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क की लंबाई 200 से 300 मीटर या उससे अधिक है तो इतनी कम राशि में गुणवत्तापूर्ण सड़क बनना संभव नहीं है। इससे निर्माण कार्य में सामग्री की कटौती या ठेकेदारी में मिलीभगत के आरोप सामने आ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब इस संबंध में सरपंच और पंचायत सचिव से सवाल किए गए तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और मामले से बचते नजर आए। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की बीओक्यू (Bill of Quantity), स्वीकृति पत्र और गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
साथ ही उच्च अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या पंचायत निधि से कराया जा रहा है तो उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस संबंध में जब जनपद पंचायत देवरी की सीईओ मनीषा चतुर्वेदी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। वहीं जिला पंचायत सीईओ विवेक के. वी. से भी संपर्क नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में जांच कर कार्रवाई नहीं की तो वे कलेक्टर सागर से शिकायत करने के साथ-साथ आरटीआई और जन आंदोलन के माध्यम से इस मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक धन से बनने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि जनता को उसका वास्तविक लाभ मिल सके।
AIMA मीडिया नेटवर्क देवरी सागर
से संवाददाता सोनू प्रजापति की रिपोर्ट
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