अतिक्रमण हटाने गया प्रशासन पर हुआ पथराव.. तहसीलदार कि गाड़ी फोड़ी, टिआई को भी चोट ।*
*सिरसोदिया में अतिक्रमण हटाने पहुंचा प्रशासन, ग्रामीणों ने किया
सिरसोदिया में बवाल : अतिक्रमण हटाने पहुंचा प्रशासन, ग्रामीणों का पथराव — तहसीलदार की गाड़ी फूटी, टीआई घायल
धामनोद/धार।
धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र के ग्राम सिरसोदिया में शनिवार सुबह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस समय हिंसक हो गई जब प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने अचानक पथराव कर दिया। इस घटना में थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे सहित एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं, वहीं तहसीलदार की गाड़ी के कांच भी तोड़ दिए गए।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 10 बजे तहसीलदार, राजस्व अमला और पुलिस बल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए गांव पहुंचे थे। प्रशासन जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने लगा, उसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए नेशनल हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हो गया।
बताया जा रहा है कि ग्राम सिरसोदिया में जमीन को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। यह विवाद धरमपुरी विधायक Kalu Singh Thakur और ग्रामीणों के बीच अतिक्रमण को लेकर बताया जा रहा है। इससे पहले भी इस मामले में विवाद, मारपीट और आरोप-प्रत्यारोप की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पथराव में धामनोद थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया है। वहीं एक महिला पुलिसकर्मी को भी चोट आई है। उग्र भीड़ ने तहसीलदार की गाड़ी को भी निशाना बनाते हुए उसके कांच फोड़ दिए।
घटना के बाद हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया। मौके पर मनावर एसडीएम भी पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
आखिर सिरसोदिया का जमीन विवाद कब खत्म होगा?
प्रशासन के पहुंचते ही माहौल इतना उग्र क्यों हुआ?
क्या कार्रवाई से पहले पूरी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी?
पथराव करने वालों पर क्या सख्त कार्रवाई होगी?
क्या इस विवाद के पीछे कोई राजनीतिक दबाव तो नहीं?