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गर्मी से पहले ही मुजफ्फरपुर में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की तैयारी हुई तेज, जिलाधिकारी ने 16 मरम्मती दलों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

पेयजल संबंधी शिकायत, सुझाव, समाधान हेतु करें कॉल-
टॉल फ्री नंबर
18001231121
18003451121

नियंत्रण कक्ष
मुज06212242445
मोतीपुर
06223291255
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मुजफ्फरपुर
6 मार्च, 2026

गर्मी की दस्तक के साथ ही जिले में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी पूरी तरह सक्रिय हो गये हैं। जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने स्पष्ट किया है कि जिले के प्रत्येक गांव, प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल की नियमित एवं निर्वाध आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी। इसी उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) द्वारा खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है।

इस अभियान के तहत जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय परिसर से कुल 16 मरम्मती दलों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित क्षेत्रों के लिए रवाना किया। ये मरम्मती दल जिले के विभिन्न प्रखंडों में जाकर खराब पड़े चापाकलों की पहचान कर उनकी मरम्मत करेंगे तथा जहां आवश्यक होगा वहां जीर्ण-शीर्ण चापाकलों को हटाने की भी कार्रवाई करेंगे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता, मुजफ्फरपुर एवं मोतीपुर को निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कार्य का सतत और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी व्यक्ति को पेयजल की किल्लत नहीं होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी चापाकल खराब न पड़ा रहे।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो चापाकल मरम्मत योग्य हैं, उन्हें तुरंत मैकेनिक द्वारा ठीक किया जाए, जबकि जो चापाकल अत्यधिक जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं, उन्हें हटाकर नई व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मरम्मत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी टीमों को जिम्मेदारी और तत्परता के साथ काम करना होगा।

मरम्मती दलों की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने के लिए प्रत्येक प्रखंड में एक वाहन पर तीन मैकेनिकों की टीम तैनात की गई है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत करेंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि टीमों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के साथ-साथ पूरी जवाबदेही के साथ काम करना होगा, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत घर-घर लगाए गए नलों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। इसके लिए आम लोगों को शिकायत दर्ज कराने की सुविधा प्रदान की गई है। लोग टोल फ्री नंबर 18001231121 और 18003451121 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त पेयजल संबंधी समस्या के निदान एवं सहयोग हेतु दोनों डिवीजन के लिए नियंत्रण कक्ष बनाये गये हैं। मुजफ्फरपुर डिवीजन के लिए 06212242445 तथा मोतीपुर डिवीजन के लिए 06223291255 नंबर भी जारी किए गए हैं।

इसके अलावा आम नागरिक एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भी अपनी शिकायत भेज सकते हैं। इसके लिए 8544429082 और 8544429024 नंबर जारी किए गए हैं। शिकायत भेजते समय संबंधित व्यक्ति को वार्ड संख्या, गांव, पंचायत, प्रखंड और जिला का नाम, शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर तथा शिकायत का प्रकार स्पष्ट रूप से लिखना होगा, ताकि संबंधित टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा सके।

जिलाधिकारी श्री सेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन प्रखंडों में पंचायतों की संख्या अधिक है, वहां अतिरिक्त मरम्मती टीमों की तैनाती की जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन प्रखंडों का उल्लेख किया जिनमें 20 से अधिक पंचायतें हैं। ऐसे प्रखंडों में कार्य की गति बढ़ाने के लिए दो-दो मरम्मती टीमों को लगाया जाएगा।

मुजफ्फरपुर डिवीजन के अंतर्गत मुसहरी, सकरा, औराई, गायघाट और कटरा प्रखंडों में दो-दो मरम्मती टीमों की तैनाती करने का निर्देश दिया है। इसी प्रकार मोतीपुर डिवीजन के अंतर्गत कुढ़नी, सरैया, मोतीपुर, पारु और मीनापुर प्रखंडों में भी दो-दो टीमों को लगाया जायेगा। इन टीमों के द्वारा अभियान के रूप में कार्य करते हुए सभी खराब चापाकलों की मरम्मत करने तथा पेयजल आपूर्ति को सुचारु एवं सुदृढ़ करने कुछ कार्रवाई की जायेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही सभी खराब चापाकलों की मरम्मत कर ली जाएगी तथा जहां-जहां घरों में लगाए गए नलों में तकनीकी समस्या है, उन्हें भी ठीक किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसी माह के भीतर अधिकतम समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि गर्मी के दौरान लोगों को निर्बाध रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके।

उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर भी इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विकास मित्र और पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। ये कर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर खराब चापाकलों की सूची तैयार कर रहे हैं। इसके आधार पर मरम्मती टीमों को भेजकर समस्याओं का त्वरित समाधान कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिले में कोई भी चापाकल खराब न रहे और हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल आसानी से उपलब्ध हो। उन्होंने पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को पूरी तत्परता एवं जवाबदेह से उक्त कार्य संपादित करने का निर्देश दिया है, ताकि जिले में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु और प्रभावी बनी रहे।

जिलाधिकारी द्वारा शुरू किया गया यह विशेष अभियान गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह प्रयास किया गया है कि समय रहते सभी आवश्यक मरम्मत कार्य पूरे कर लिए जाएं, जिससे जिले के विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गर्मी के दौरान पेयजल की कोई परेशानी न हो।

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