सिबिल स्कोर खराब होने से लोन लेने में आती हैं कई परेशानियां !
सही वित्तीय अनुशासन से सुधारा जा सकता है क्रेडिट रिकॉर्ड |
अमरोहा। आज के समय में किसी भी व्यक्ति को होम लोन, बिजनेस लोन, पर्सनल लोन या वाहन लोन प्राप्त करने के लिए उसका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गया है। बैंक और वित्तीय संस्थान लोन स्वीकृत करने से पहले आवेदक की क्रेडिट हिस्ट्री और भुगतान क्षमता को सिबिल रिपोर्ट के माध्यम से जांचते हैं। यदि किसी व्यक्ति का सिबिल स्कोर खराब होता है तो उसे लोन मिलने में कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
यह जानकारी देते हुए यूनिक फाइनेंशियल एंड इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन के फाउंडर अवनीश कुमार चौहान ने बताया कि कई बार लोग अनजाने में कुछ ऐसी वित्तीय गलतियां कर बैठते हैं जिससे उनका सिबिल स्कोर खराब हो जाता है और भविष्य में लोन प्राप्त करना मुश्किल हो जाता है।
इन गलतियों से खराब हो जाता है सिबिल स्कोर
उन्होंने बताया कि सिबिल स्कोर खराब होने के पीछे कई प्रमुख कारण होते हैं। इनमें समय पर EMI या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान न करना, क्रेडिट कार्ड की लिमिट का अत्यधिक उपयोग करना, कम समय में कई बैंकों में लोन के लिए आवेदन करना, लोन को सेटलमेंट में बंद करना तथा किसी के लोन में गारंटर बन जाना प्रमुख कारण हैं। इन सभी कारणों का सीधा प्रभाव व्यक्ति की क्रेडिट रिपोर्ट पर पड़ता है।
खराब सिबिल स्कोर होने पर आती हैं ये समस्याएं
अवनीश कुमार चौहान के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का सिबिल स्कोर खराब हो जाता है तो बैंक और वित्तीय संस्थाएं उसका लोन आवेदन रिजेक्ट कर सकती हैं। कई मामलों में लोन मिलने पर भी ब्याज दर अधिक होती है, लोन राशि कम मिलती है या फिर बैंक को-एप्लीकेंट अथवा गारंटर की मांग करते हैं। यही कारण है कि आज के समय में अच्छा सिबिल स्कोर बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है।
इस तरह सुधारा जा सकता है सिबिल स्कोर
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का सिबिल स्कोर खराब हो गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर सभी EMI और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करना, क्रेडिट कार्ड का सीमित उपयोग करना, पुराने बकाया को जल्द से जल्द चुकाना और अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की नियमित जांच करना जैसे कदम उठाकर धीरे-धीरे सिबिल स्कोर को सुधारा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सिबिल स्कोर केवल एक संख्या नहीं बल्कि किसी व्यक्ति की वित्तीय विश्वसनीयता का प्रमाण होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों का पालन समय पर करना चाहिए।