विस्थापितों के नाम पर क्वार्टरों की डीलिंग? बीसीसीएल पर उठे गंभीर सवाल
विस्थापितों के क्वार्टरों की अवैध डीलिंग का आरोप, बीसीसीएल प्रबंधन से जांच की मांग
धनबाद:-कोयलांचल क्षेत्र में Bharat Coking Coal Limited (बीसीसीएल) के क्वार्टरों की कथित अवैध खरीद-बिक्री को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि विस्थापितों के लिए आवंटित कंपनी आवासों का नियमों के विरुद्ध हस्तांतरण और किराये पर देने का संगठित खेल चल रहा है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, विस्थापितों के नाम पर आवंटित क्वार्टरों को कुछ कर्मचारी और बिचौलिए आपसी मिलीभगत से बाहरी लोगों को सौंप रहे हैं। आरोप है कि मोटी रकम लेकर क्वार्टरों का अनधिकृत हस्तांतरण किया जा रहा है, जिससे कंपनी को राजस्व नुकसान हो रहा है और वास्तविक हकदार कर्मचारियों को आवास नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया गया है कि लोदना एरिया के जीएम कार्यालय से जुड़े एक कर्मचारी सहित कुछ लोगों द्वारा कुसुम विहार के पास स्थित क्वार्टरों में अवैध लेन-देन किया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विरोध करने वालों को डराने-धमकाने और बेदखल करने की कोशिश की जाती है।
हालांकि इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर बीसीसीएल प्रबंधन, स्थानीय पुलिस और Central Vigilance Commission (सीवीसी) से निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि सभी विस्थापन क्वार्टरों के आवंटन दस्तावेजों की जांच, लाभार्थियों का सत्यापन और अवैध कब्जों की पहचान की जानी चाहिए।
इधर, “वंदे भारत न्यूज़” की टीम ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लगातार उठाते हुए कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय संस्थानों को टैग कर मामले की जानकारी देने का दावा किया है। इनमें Prime Minister’s Office, Amit Shah, Jharkhand Police और Government of Jharkhand सहित अन्य संबंधित संस्थाएं शामिल हैं।
फिलहाल यह मामला कोयलांचल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आवास आवंटन व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।