झालावाड़ में "राजस्थान गौरव सम्मान" से हुए सम्मानित हुए वरिष्ठ पत्रकार डॉ राकेश वशिष्ठ
झालावाड़/ झालरापाटन। सामर्थ्य सेवा संस्थान, झालावाड़ के संस्थापक व अध्यक्ष डॉ. रामजी चंद्रवाल ने बताया कि सामर्थ्य सेवा संस्थान के तत्वाधान में दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत 06 वाँ राष्ट्र स्तरीय “सामर्थ्य ग्लोबल एक्सीलेंस अवार्डस- 2025” व “सामर्थ्य राजस्थान गौरव सम्मान 2025” कार्यक्रम का आयोजन झालरापाटन, झालावाड़ निज़ी होटल में विशिष्ट मुख्य अतिथि HH महाराज राणा श्री चंद्रजीत सिंह जी एवं मुख्य अतिथि श्री अजय सिंह राठौड़ IAS जिला कलेक्टर झालावाड़, श्री अमित कुमार IPS पुलिस अधीक्षक झालावाड़, श्री सागर पवार IFS उप वन संरक्षक, झालावाड़, डॉ.ए. पी. सिंह सीनियर काउंसलर भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया, अति विशिष्ट अतिथि डॉ. अश्वनी जोजरा संस्थापक- सहयोग इंडीया जम्मू व कश्मीर, श्री भुवनेश अग्रवाल, डॉ. महावीर सुमन, श्री उदयभान सिंह, श्री गौतम कुमार दड्डा, डॉ. भगवान तलवारे, मुंबई, श्री शशिकांत जैन, श्रीमती भाग्यश्री वर्तक, श्री हारून राशीद, श्री अमीश शाह के आतिथ्य में आयोजित किया गया जिसमें अपने कार्य एवं उपलब्धियों के आधार पर राष्ट्र निर्माण एवं दिव्यांगजन हितार्थ योगदान देने वाली विभूतियों का चयन संपूर्ण देश से प्राप्त आवेदनों मैं से “सामर्थ्य ग्लोबल एक्सीलेंस अवार्ड 2025” के 25 प्रतिभाओं एवं सामर्थ्य “राजस्थान गौरव सम्मान 2025” के 45 प्रतिभागियों का चयन कर उनको मंच पर सम्मान पत्र अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया सम्मानित किया गया।
इसी कड़ी में जोधपुर के वरिष्ठ पत्रकार डॉ राकेश वशिष्ठ के द्वारा वर्तमान में ‘111’ बार व्यक्तिगत रक्तदान के साथ रक्तदान एवं देहदान के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने के लिए मंच पर अति विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में वर्ल्ड रिकॉर्ड के टाइटल और राजस्थान गौरव सम्मान के साथ सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया।
आपको बता दें गत वर्ष डॉ. राकेश वशिष्ठ ने (किसी पत्रकार द्वारा सर्वाधिक 106 बार व्यक्तिगत रक्तदान करने का रिकॉर्ड) बनाया जिसे "एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, नेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, वर्ल्ड एक्सीलेंस ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड, यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड" द्वारा ऑफिशियल दर्ज कर वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय योगदान और अर्जित उपलब्धियों को देखते हुए डॉ वशिष्ठ समाज के प्रेरणा श्रोत बने हैं। बकौल डॉ वशिष्ठ जब तक ईश्वर स्वस्थ रखेंगे तब तक रक्तदान का यह सफर जारी रहेगा रक्तदान सभी को नियमित रूप से करना चाहिए रक्तदान करने से किसी तरह की कोई कमजोरी या चक्कर नहीं आते एक स्वस्थ मनुष्य 90 दिन के अंतराल से वर्ष में चार बार रक्तदान कर सकता है। आपको बता दें डॉ राकेश वशिष्ठ द्वारा प्रतिदिन विभिन्न मुद्दों पर लिखे आलेख देश के अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय समाचार पत्रों, पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं आपने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में देहदान और अंगदान हेतु पंजीयन कर संकल्प लिया है और अभी तक लगभग 542 व्यक्तियों को प्रेरित कर उनका स्वैच्छिक देहदान अंगदान हेतु पंजीयन करवाया है।