हरिद्वार में अनोखी ‘मसान होली’, श्मशान की राख से खेली गई होली
हरिद्वार, उत्तराखंड: होली के रंगों और उल्लास के बीच हरिद्वार में एक अनोखी परंपरा देखने को मिली, जहां गुलाल और अबीर की जगह श्मशान की राख से होली खेली गई। यहां किन्नर अखाड़ा के सदस्यों ने श्मशान घाट पर ‘मसान होली’ मनाकर जीवन की नश्वरता और मोक्ष का संदेश दिया।
किन्नर समाज के लोगों ने पहले चिताओं की राख की विधिवत पूजा की और फिर उसी राख तथा रंग-गुलाल से एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसे आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
खड़खड़ी श्मशान घाट पर मसान होली
हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर किन्नर समाज ने बैंड-बाजे के साथ पहुंचकर पूजा-अर्चना की और इसके बाद राख के साथ मसान होली खेली। श्मशान में चिताओं के सामने किन्नरों को होली खेलते देख वहां मौजूद लोग आश्चर्यचकित रह गए।
पौराणिक मान्यता से जुड़ी परंपरा
मान्यता है कि भगवान शिव ने रंगभरी एकादशी के बाद भूत-प्रेत, यक्ष और गंधर्वों के साथ श्मशान में होली खेली थी। उसी परंपरा को ‘मसान होली’ के रूप में आज भी निभाया जाता है।
किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भवानी माता और पूनम किन्नर ने बताया कि यह परंपरा जीवन की नश्वरता और मोक्ष का प्रतीक है, जो समाज को प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है।
होली–ईद को लेकर पुलिस अलर्ट
इधर देहरादून पुलिस ने होली और ईद को लेकर सभी थाना क्षेत्रों में पीस कमेटी बैठक आयोजित की। पुलिस प्रशासन ने लोगों से आपसी सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की है और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
रिपोर्टर: SAURABH BHANDARI
न्यूज़: AIMA MEDIA – जन जन की आवाज