काशीपुर में कर्मचारियों का पीएफ जमा न करने और वेतन न देने का मामला, मुख्यमंत्री से शिकायत
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काशीपुर (उधम सिंह नगर, उत्तराखंड) :- काशीपुर स्थित Flexituff Ventures International Limited कंपनी के खिलाफ कर्मचारियों के पीएफ जमा न करने, समय पर वेतन भुगतान न करने और अवैध रूप से कर्मचारियों को काम से हटाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में विश्व हिंदू रक्षा संगठन के प्रदेश महामंत्री एवं अधिवक्ता उपेन्द्र सिंह द्वारा उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत पत्र के अनुसार काशीपुर स्थित कंपनी द्वारा श्रम कानूनों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। आरोप है कि जून 2022 से सितंबर 2025 तक कर्मचारियों के वेतन से काटी गई भविष्य निधि (PF) की राशि संबंधित विभाग में जमा नहीं की गई। यह कृत्य भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम 1952 की धारा 6, 7A और 14 का स्पष्ट उल्लंघन बताया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके वेतन से पीएफ की कटौती तो नियमित रूप से की गई, लेकिन उसे जमा नहीं कराया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि जून 2025 से कर्मचारियों का वेतन भी नहीं दिया गया, जो Payment of Wages Act 1936 और Minimum Wages Act 1948 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इसके अलावा आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने 19 जून 2025 से 10 सितंबर 2025 तक कई कर्मचारियों को बिना वैधानिक अनुमति के अवैध ले-ऑफ पर रख दिया, जो Industrial Disputes Act 1947 की धारा 25C, 25M और 25N के नियमों के खिलाफ है।
कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन द्वारा 8 सितंबर 2025 को एक लिखित पत्र जारी कर 16 सितंबर 2025 तक सभी बकाया वेतन का भुगतान करने और कंपनी को पुनः चालू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक न तो वेतन का भुगतान किया गया और न ही कंपनी का संचालन शुरू किया गया। इस स्थिति से सैकड़ों कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
मामले को लेकर पीड़ित कर्मचारियों ने पीएफ कार्यालय हल्द्वानी और श्रम विभाग के लेबर ऑफिस रुद्रपुर में भी शिकायत दर्ज कराई है। बताया गया कि संबंधित विभागों द्वारा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी और निराशा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी का यह कृत्य भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
प्रदेश महामंत्री उपेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी कर्मचारियों का बकाया वेतन और पीएफ की राशि ब्याज सहित तुरंत दिलाने तथा प्रभावित कर्मचारियों को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि यह मामला सैकड़ों श्रमिक परिवारों की आजीविका से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है, इसलिए सरकार को इसमें तुरंत हस्तक्षेप कर पीड़ित कर्मचारियों को राहत प्रदान करनी चाहिए।