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ज्योंद में हुए पुलिस अत्याचार के खिलाफ बठिंडा की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

बठिंडा की एसएसपी सहित अत्याचार के आरोपी पुलिस अधिकारियों पर केस दर्ज करने और संघर्ष के अधिकार पर लगाई गई पाबंदियां हटाने की मांग रणजीत सिंह के पुलिस मुठभेड़ मामले की जांच संबंधी प्रस्ताव पारित पिछले महीने गांव ज्योंद में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां की अगुवाई में एकत्र हुए मजदूरों और किसानों पर पुलिस द्वारा किए गए अत्याचार और संघर्ष के अधिकार पर लगाई गई पाबंदियों के विरोध में आज सैकड़ों महिलाओं सहित हजारों किसान, मजदूर और कर्मचारियों ने जबरदस्त उत्साह के साथ बठिंडा की सड़कों पर रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन ने पुलिस द्वारा लोगों में डर फैलाने के मंसूबों को नाकाम कर दिया। प्रदर्शन से पहले पुड्डा ग्राउंड में आयोजित विशाल सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि ज्योंद में नौजवान चरणजीत सिंह की टांग तोड़ दी गई और नौजवान प्रनीत सिंह का हाथ बुरी तरह घायल कर दिया गया। उन्होंने मजदूरों-किसानों पर हुए इस अत्याचार के लिए एसएसपी ज्योति यादव सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने की जोरदार मांग की। वक्ताओं ने यह भी मांग की कि ज्योंद में हुए इस अत्याचार के लिए पंजाब सरकार सार्वजनिक माफी मांगे, संघर्ष के लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगाई गई पाबंदियां खत्म की जाएं, घायलों के इलाज और अन्य नुकसान की भरपाई की जाए तथा आंदोलनों के दौरान किसानों-मजदूरों पर दर्ज किए गए केस वापस लिए जाएं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब की भगवंत मान सरकार के आदेश पर ज्योंद में जमीन के मालिकाना हक के लिए संघर्ष कर रहे किसानों-मजदूरों को सबक सिखाने के इरादे से यह हमला किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरह ही भगवंत मान सरकार भी साम्राज्यवादी नीतियों के तहत किसानों से जमीन, बिजली और पानी की सुविधाएं छीनने, मजदूरों से रोजगार और 8 घंटे की कार्यदिवस का अधिकार खत्म करने, बिजली संशोधन बिल और बीज बिल लागू करने तथा निजीकरण की नीतियों को लागू करने की राह में बाधा बन रही पंजाब की किसान और जन आंदोलनों को कुचलने के लिए पुलिस मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि आप सरकार जगह-जगह संघर्ष कर रहे किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और महिलाओं पर अत्याचार करके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नशा तस्करों और गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर पुलिस झूठे एनकाउंटर करके युवाओं की हत्या कर रही है या उनकी टांगों में गोलियां मार रही है। सभा में हाल ही में गुरदासपुर पुलिस द्वारा नौजवान रणजीत सिंह को कथित फर्जी मुठभेड़ में मारने की घटना की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें मांग की गई कि इस मामले की जांच हाईकोर्ट के मौजूदा जज से करवाई जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों पर हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। सभा को किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां, हरिंदर बिंदू, शिंगारा सिंह मान, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सतनाम सिंह पन्नू, बीकेयू क्रांतिकारी की नेता सुखविंदर कौर, बीकेयू डकौंदा के मनजीत सिंह धनेर, पंजाब खेत मजदूर यूनियन के लछमन सिंह सेवेवाला, पंजाब किसान यूनियन के रुलदू सिंह मानसा समेत अनेक किसान, मजदूर और कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने संबोधित किया। ज्योंद घटना में गंभीर रूप से घायल हुए चरणजीत सिंह और प्रनीत सिंह ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वे इस अत्याचार को साहस के साथ झेलते हुए आगे भी जन संघर्षों में और मजबूती से हिस्सा लेते रहेंगे। जारी कर्ता:

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