साहित्यमणि सम्मान से सम्मानित हुए डॉ. लवकुश प्रजापति
मधुरिमा साहित्य गोष्ठी ने किया सम्मानित, काव्य गोष्ठी में जुटे जिले के वरिष्ठ साहित्यकार
सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
जनपद के वरिष्ठ चिकित्सक, साहित्यकार तथा चर्चित उपन्यास “सोनभद्र की फूलमती” के लेखक डॉ. लवकुश प्रजापति को शुक्रवार को स्वर्गीय निरंजन जालान स्मृति – साहित्यमणि सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मधुरिमा साहित्य गोष्ठी द्वारा जनपद मुख्यालय स्थित वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि अजय शेखर के आवास पर आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार पारस नाथ मिश्रा ने की, जबकि संचालन प्रसिद्ध गीतकार जगदीश पंथी ने किया। कार्यक्रम में जिले के अनेक साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिससे साहित्यिक माहौल और भी जीवंत हो उठा।
मधुरिमा साहित्य गोष्ठी के निदेशक अजय शेखर, गीतकार जगदीश पंथी तथा फरीद अहमद ने डॉ. लवकुश प्रजापति को सम्मान पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र तथा 21 हजार रुपये की धनराशि भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित साहित्यकारों ने डॉ. प्रजापति के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें समाज और साहित्य के क्षेत्र में प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अर्जुन दास केसरी ने अपने संबोधन में कहा कि अपने गुरु के नाम पर इतना बड़ा सम्मान स्थापित करना और उसे साहित्यकारों को समर्पित करना गुरु ऋण से उऋण होने का एक सार्थक और अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित कवियों और साहित्यकारों ने अपनी-अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार सुशील श्रीवास्तव ‘राही’, कृष्ण मुरारी गुप्ता, आलोक चतुर्वेदी, अब्दुल हई, ईश्वर विरागी, दिवाकर द्विवेदी ‘मेघ’, रामप्रसाद यादव, रामचंद्र देव पांडेय, राजेंद्र प्रसाद, जयराम सोनी, कृपाशंकर दूबे सहित कई साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।