खुटहनियां में स्वयं सहायता समूहों को मिला खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण
टमाटर कैचअप, जैम, जेली, बेल मुरब्बा सहित कई उत्पाद बनाना सिखाया गया
सोनभद्र (करमा)। ग्राम पंचायत खुटहनियां स्थित तेजस्वी किसान मार्ट स्टोर पर तेजस्वी संगठन न्यास एवं यूनिवर्सल सोनांचल फॉर्मर एसोसिएशन के सहयोग से FPO (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) एवं स्वयं सहायता समूह (SHGs) की महिलाओं के लिए एक दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चला, जिसमें विभिन्न गांवों से आई महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र सोनभद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रश्मि सिंह ने प्रतिभागियों को फल एवं सब्जियों के संरक्षण, प्रसंस्करण, प्रबंधन तथा विपणन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को व्यावहारिक रूप से मिक्स आचार (गोभी, मटर, गाजर, पपीता), पेठा (सूखा एवं कश्मीरी पेठा), बेल मुरब्बा, बेल पाउडर, टमाटर पाउडर, टमाटर कैचअप, टमाटर सॉस, जैम और जेली जैसे उत्पादों के निर्माण की विधि सिखाई गई। साथ ही उत्पादों के संरक्षण, पैकेजिंग और बाजार में बिक्री (मार्केटिंग) की जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर ई. प्रकाश पाण्डेय, संस्थापक – तेजस्वी संगठन न्यास ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि तेजस्वी किसान मार्ट के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों और किसानों को निरंतर प्रशिक्षण, उत्पादों का मूल्य संवर्धन तथा मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़े और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में तेजस्वी प्रेरणा उत्पादक समूह, लक्ष्मी गणेश आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह, उजागर प्रेरणा स्कूल संघ क्लस्टर सरंगा, मां संतोषी आजीविका स्वयं सहायता समूह, उजाला आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह, लक्ष्मी आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह, ज्योति प्रेरणा महिला ग्राम संगठन तथा जय मां शारदा प्रेरणा महिला ग्राम संगठन सहित कई स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया।
इस दौरान वन्दना पाठक, गीता देवी, कुसुम देवी, मनीला, परमिला, कृष्णावती, नीलू, जानकी, प्रिया पाठक, सावीत्री, पान देवी, आरती देवी, प्रीती पाठक, अनुराधा, आराधना मौर्या, सीता देवी, नेहा सिंह, निर्मला देवी, प्रियंका देवी, पूजा, जानकी निर्मला तथा राम कुमार सहित विभिन्न गांवों के प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
मीडिया रिपोर्ट - पंकज गुप्ता