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कानपुर में 12वीं पास 2 लड़कों ने की 250 करोड की ठगी, 38 बोनस कंपनियां बनाकर ऐसे किया..

कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसने 250 करोड़ की ठगी है। 12वीं पास लड़के गरीब और जरूरतमंद लोगों से लोन दिलाने के नाम उनसे पैन कार्ड, आधार कार्ड और संपत्ति के कागजात ले लेते थे।जिसका खुलासा करते हुए पुलिस महकमा भी हैरान था।शहर के 12वीं पास लड़कों ने 250 करोड़ रुपये की ठगी की। इसके साथ ही 38 बोगस कंपनियां खोली। पुलिस ने इस गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि इनके पांच साथी फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मंगलवार को पूरे मामले का खुलासा किया है।इस फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए पुलिस आयुक्त ने बताया कि गरीबों और छात्रों को लोन दिलाने के नाम पर गैंग के सदस्य उनके दस्तावेज लेते थे, जिसमें पैन कार्ड, आधार कार्ड और जमीनी संपत्तियों के दस्तावेज शामिल रहते थे। दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम से फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी का पंजीकरण कराया जाता था। उन फर्मों पर बैंक खाते खोले जाते थे। जांच के आधार पर पुलिस ने खातों में 1.50 करोड़ की धनराशि फ्रीज कराई है।पीड़ित ई-रिक्शा चालक के खाते से 117 करोड़ के लेन-देन का पता चला है। पीड़ित अनुराग वर्मा की शिकायत पर पकड़े गए आरोपी कपिल मिश्रा ने उसकी बहन की शादी के नाम पर लोन दिलाने के लिए दस्तावेज लिए थे। उसे डेढ़ महीने तक यह कहकर टरकाते रहे कि लोन की प्रक्रिया प्रोसेस पर है, जबकि आरोपियों ने उसके नाम पर फर्म खोलकर जीएसटी पंजीकरण करा चुके थे। वहीं, एचडीएफसी बैंक में खाता संचालित किया जा रहा था। खाते में धनराशि का आवागमन एवं निकासी की जा रही थी और जीएसटी चोरी से संबंधित लेन-देन किया जा रहा था।पुलिस ने लगभग 30 मोबाइल फोन और 52 चाबियां बरामद की हैं, जिससे अनेक फर्जी फर्मों के संचालन की पुष्टि हुई है। शिकायतकर्ता को जब संदेह हुआ कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग हो रहा है, तब उसने पुलिस से संपर्क किया।
आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य गंभीर धाराओं में धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया है।

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