छोटे व्यापारियों के हित में बड़ा कदम: लेबर कानूनों को सरल बनाने पर मंत्री संतोष लाड से BWCMA की बैठक
बेंगलुरु (दलपतसिंह भायल ) होलसेल क्लॉथ मर्चेंट्स एसोसिएशन (BWCMA) के प्रतिनिधिमंडल ने कर्नाटक सरकार के श्रम मंत्री संतोष लाद से विकास सौधा में मुलाकात कर छोटे व्यापारियों के लिए श्रम कानूनों को सरल बनाने की मांग रखी। बैठक सकारात्मक और सफल रही, जिसमें व्यापारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
BWCMA के अध्यक्ष प्रकाश पिरगल ने बैठक के दौरान छोटे व्यापारियों को होने वाली परेशानियों को सामने रखते हुए कई अहम सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि 10 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों पर किसी भी प्रकार का लेबर कानून लागू नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा लेबर सर्टिफिकेट का नवीनीकरण केवल ऑनलाइन किया जाए तथा मुख्य दुकान से 200 मीटर के दायरे में स्थित गोदाम (वेयरहाउस) के लिए अलग से सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। साथ ही छोटे व्यापारियों की दुकानों पर सामान्य निरीक्षण के लिए लेबर इंस्पेक्टर के आने की प्रक्रिया भी बंद की जानी चाहिए।
श्रम मंत्री संतोष लाड ने एसोसिएशन की सभी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को इन सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी प्रतिष्ठान में 10 से कम कर्मचारी होंगे तो वहां निरीक्षण नहीं किया जाएगा। साथ ही शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की धारा 24 के तहत रिकॉर्ड और रजिस्टर रखने की प्रक्रिया में भी छूट देने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन नियमों को जल्द ही लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त श्रम विभाग, BWCMA और अन्य संगठनों के सहयोग से अप्रैल माह में श्रम कानूनों को लेकर बड़े स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिससे व्यापारियों को नियमों की सही जानकारी मिल सके।
बैठक के दौरान BWCMA अध्यक्ष प्रकाश पिरगल ने श्रम मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर एसोसिएशन के सचिव योगेश सेठ और नरेश मुथा ने मंत्री का स्वागत किया, जबकि संयुक्त सचिव मनोज कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
बैठक में कमेटी सदस्य नाहरमल मांडोत, ललित सिंघवी, भगवान सिंह, महावीर मेहता, संतोष कुमार और गिरीश मकाम भी उपस्थित रहे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में श्रम विभाग की सचिव श्रीमती सलमा फहीम, लेबर कमिश्नर डॉ. गोपालकृष्ण, एडिशनल लेबर कमिश्नर डॉ. मंजूनाथ, जॉइंट लेबर कमिश्नर डॉ. रविकुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
छोटे व्यापारियों पर अनुपालन (कम्प्लायंस) का बोझ कम करने और अनावश्यक परेशानियों को दूर करने की दिशा में इस बैठक को एक बड़ा सकारात्मक कदम माना जा रहा है।