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जबलपुर हाई कोर्ट के निर्देशों की धज्जिया उड़ाने वालों के ऊपर कार्यवाही होगी क्या? : यज्ञ नारायण तिवारी



सुरेन्द्र दुबे 9425179527 मध्य प्रदेश (सीधी)यज्ञनारायण तिवारी अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी किसान प्रकोष्ठ ज़िला सीधी मध्यप्रदेश ने कहां की हाईकोर्ट के द्वारा कलेक्टर सीधी एवं जिला पंचायत से 4 चार सप्ताह में जवाब मांगा गया था लेकिन 8 महीने बीत जाने के बाद भी आज दिनांक तक जबाब नहीं दिया गया तो क्यों कमिश्नर रीवा जांच कर उच्च न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पहल करेगे क्या?



श्री यज्ञ नारायण तिवारी पूर्व मे ग्राम पंचायत अहिरान टोला मे सचिव थे और जी जान से मेहनत किया मनरेगा के शुरूआती दौर मे ग्राम पंचायत के विकास के लिए भारी मेहनत किया जिसके लिए मुझे भरे मंच से पुरस्कृत भी किया गया 1995 से 2014 तक बेहतरीन कार्यों के लिए जाना जाता रहा लेकिन मोदीजी के प्रधानमंत्री बनते ही भ्रस्ट्राचार का खेल शुरू हुआ जो मुझे स्वीकार नही था फिर शुरू हुआ समग्र स्वच्छता अभियान जो बेहद घटिया दौर था जो आजभी आप सब जानते है 1%भी प्रयोग मे नही है है जो अपने से बनवाये थे उन्ही को आधा पैसा देकर दिखा रहे थे लेकिन मै ऐसा घटिया कार्य नही कर सकता था मै मना कर दिया क्योंकि मै आधे पैसे से न शौचालय बना सकता था न हितग्राहिओ न मजदूरों से गलत कर सकता था मै सभी सचिव रोजगार साहयको के सामने भरी सभा मे अपने आप को निलंबित करवा लिआ और बीस किलो मिठाई बाटकर ख़ुशी खुशी घर आप गया फिर सब कहने लगे की ऐसे चुप रहना स्वाभिमान के खिलाफ है तो मै आयुक्त रीवा के यहां से स्ट्रे ले लिया फ़िरभी ड्यूटी नही करना चाहा फिर मुझे अपने आप बहाल कर ग्राम पंचायत इटहा मे भेज दिया गया वहा के माहौल बहुत ख़राब थे मै जाने से मना कर दिया फिर कलेक्टर महोदय सीधी द्वारा समझाइस दी गयी मै पुनः बिनय किया की मुझे वहा नही भेजा जाय क्योंकि बीजेपी बाले परेशान करेंगे तब कलेक्टर साहब बोले की मै देखूगा मै सिद्यांत से न गिरकर कार्य करने को राजी हो गया और कार्य भी करवाए फिर बीजेपी बाले मुझसे कमीशन मागने आने लगे मै साफ बोल दिया की मजदूरों की मजदूरी से कोई कटौती नही होने दूंगा इसी बात पर सरपंच पति से बादबिबाद हो गया जिसकी मेरे द्वारा की गयो रिपोर्ट पर जेल हो गया जब जमानत से बाहर आये तो मुझे फर्जी यौन शोषण के आरोप मे जेल भेजनें के प्रयास किये गए एक बीजेपी के नेता द्वारा कोतवाली मे बैठकर झुकने या रिपोर्ट की धमकी दी गयी मै नही झुका सच को आँच नही मै 10 दिन मे बरी हो गया फिर पंचायत मे ज्वाइन किया फ़िरभी आत्ताइयो से न झुकना मेरी आदत थी ही इसवार भी नही झुका फिर खेल शुरू हुआ मै सचिव रहते भ्रस्ट्राचार का बिरोध करता रहा तथा 20/8/2018 को त्यागपत्र देकर सक्रिय राजनीति मे आगया फिर सरकारी दवाव दिया गया मै नही माना मेरा त्यागपत्र स्वीकृत नही हुआ तो मै अपने छोटे बेटे राजीव तिवारी को गोंडवाना की टिकट पर चुनाव लड़ा दिया फिर बीजेपी बाले आये बोले की इसवार हमें लड़ने दो अगली बार लड़ लेना मै शांत हो गया बीजेपी की जीत हुई ओर मुझे फर्जी आरोपी बनाकर ट्रमिनेट करवा दिया जिसको उच्च न्यायालय द्वारा 9/7/2024 को अपने 18 पन्ने के आदेश मे कही भी दोषी नही माना एबं हुई जांच को अपूर्ण मानते हुए पुनः जांच कर सही कार्यवाही के आदेश जारी किये यहां फिर भी भ्रस्टाचार से समझौते के लिए दवाव बनाया एबं बहाल करने के लिए लम्बी रकम की मांग की गयी मै ये बात बीजेपी के बर्तमान पदाधिकारी से बताई तो उनके द्वारा रिकॉर्डिंग करने को कहा गया मै रिकॉर्डिंग भी किया और सुनाया तथा मांगी गयी राशि फोनपे मे डालकर बताया गया फ़िरभी नही सुना गया तो मै अपने रूपये वापस ले लिए तो मोलभाव न पटने से पुनः ख़ारिज कर दिया गया और फर्जी प्रकरण मे बसूली एवं आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए जिस पर माननीय हाईकोर्ट से स्ट्रे दे दिया गया और चार सप्ताह मे जवाव मांगा लेकिन 4सप्ताह क्या 8 महीने हो रहे है जवाव नही दे पाए क्योंकि मै निर्दोष हूँ तो क्या जवाव दे बल्कि मै खुद नही दलदल मे फसना चाहता पत्नी भी हो चाहती की ये अनावश्यक दवाव दे इसकारण शांत है जिस पर यह एक पक्ष है दूसरा जिस पंचायत मे मुझे पद से पृथक कर दिया गया उसी पंचायत मे मेरी पत्नी को बिना प्रचार किये भारी बहुमत से बोट देकर सरपंच बना दिया मै वहा भी भृस्ट्राचार नही करने फेर रहा हूँ तथा उनका भी त्यागपत्र दिला दिया लेकिन झुका नही न भविष्य मे झुकने को तैयार हुआ तो बिना एकभी प्रकरण के चलते जिलावदर की कार्यवाही का दवाव बनाये तो भो नही झुका बल्कि जिले से प्रदेश स्तर कांग्रेस पार्टी मध्यप्रदेश के किसान प्रकोष्ठ मे महामंत्री बनाया गया लेकिन मै गरीबो की पार्टी प्रसंद कर गोंडवाना को ही चुना ओर आज भी कार्यरत हूँ



यही मेरी सच्चाई है



मेरे पास उपरोक्त लिखी बातो के पुरे प्रमाण है रिकॉर्डिंग है एबं उच्च न्यायालय मे प्रस्तुत है और आगे जरूरत पड़ेगी तो पेश करुगा तभी दहाड़ रहा हूँ और खुल्लेआम बिरोध करता हूँ

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